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नैनीताल। उत्तराखंड बार काउंसिल के चुनाव के लिए 20 फरवरी से मतों की गणना जारी है। गुरुवार शाम तक हुई मतगणना के बाद 50 से अधिक प्रत्याशी दौड़ से बाहर हो चुके हैं।

गुरुवार को हल्द्वानी के अधिवक्ता चंद्रशेखर जोशी ने जीत के लिए तय मतों का कोटा हासिल कर लिया, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हो गई। जीत की खबर मिलते ही समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

मतगणना नैनीताल स्थित नैनीताल क्लब में चल रही है, जहां राज्यभर के अधिवक्ताओं और उनके समर्थकों की उत्सुकता बनी हुई है। गुरुवार तक की गणना के अनुसार बार काउंसिल के चेयरमैन राकेश गुप्ता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डीके शर्मा की जीत भी तय मानी जा रही है। इसके अलावा कई अन्य प्रत्याशी अब भी दौड़ में बने हुए हैं।

उधर, महिला आरक्षण को लेकर मतगणना प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। उत्तराखंड बार काउंसिल में पहली बार 30 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया गया है, जिसके तहत 23 निर्वाचित सदस्यों में से पांच महिलाएं चुनी जानी हैं। दौड़ से बाहर हुई महिला प्रत्याशी शिवांगी गंगवार ने आरोप लगाया कि मतगणना में जनमत की उपेक्षा की गई और वरीयता मतों की सही गणना नहीं हुई।

गुरुवार को शिवांगी गंगवार सहित कई महिला अधिवक्ताओं ने मतगणना स्थल के बाहर धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे चुनाव अधिकारी बीडी उपाध्याय ने वार्ता करते हुए किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित ट्रिब्यूनल में जाने की सलाह दी।

महिला प्रत्याशियों का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे न्यायालय की शरण लेंगी। बार काउंसिल के सचिव विजय सिंह ने बताया कि मतगणना पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। फिलहाल मतगणना जारी है और अंतिम परिणामों का इंतजार किया जा रहा है।

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