नैनीताल। 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में छोटे और मझोले व्यापारियों के हित में लिए गए विभिन्न निर्णयों का मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल (रजिस्टर्ड) ने स्वागत किया है। व्यापार मंडल के संस्थापक अध्यक्ष पुनीत टंडन ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाने और व्यापारियों पर अनुपालन का बोझ कम करने की दिशा में काउंसिल के फैसले सकारात्मक और राहत देने वाले हैं।
पुनीत टंडन ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में प्रॉसीक्यूशन (अभियोजन) की सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये किए जाने तथा इससे नीचे के मामलों में अभियोजन की कार्रवाई को समाप्त करने का प्रावधान छोटे व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत है। इसके साथ ही जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्तियों को समाप्त करने के निर्णय को भी व्यापारिक समुदाय के हित में बताया गया है।
उन्होंने कहा कि कई प्रावधानों में पेनल्टी की राशि को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये किए जाने तथा कुछ मामलों में 10 हजार रुपये की पेनल्टी को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय भी व्यापारियों के लिए राहतकारी है।
व्यापार मंडल के अनुसार, पांच करोड़ रुपये तक का वार्षिक टर्नओवर रखने वाले छोटे और मझोले व्यापारियों के लिए वर्ष में एक बार रिटर्न दाखिल करने तथा तिमाही आधार पर टैक्स भुगतान की सुविधा भी महत्वपूर्ण बदलाव है। इससे व्यापारियों को बार-बार रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
पुनीत टंडन ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में छोटे व्यापारियों को हर महीने रिटर्न दाखिल करने के लिए समय और धन खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा प्रैक्टिशनर्स को फीस देने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी व्यापारियों पर पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने से व्यापारी इन खर्चों और अनावश्यक कागजी कार्रवाई से बच सकेंगे और अपना अधिक समय एवं ऊर्जा व्यापार को बढ़ाने में लगा पाएंगे।
उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल द्वारा व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उठाए गए ये कदम सराहनीय और स्वागतयोग्य हैं। यदि प्रस्तावित प्रावधान 1 अप्रैल 2027 से लागू होते हैं तो इससे छोटे और मझोले व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार और जीएसटी काउंसिल के इन फैसलों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी जीएसटी व्यवस्था को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं व्यापारियों के अनुकूल बनाया जाएगा।

