ब्रेकिंग न्यूज़

कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सैलाब और उससे संबंधित वाहनों तथा ट्रैफिक की दिक्कतों के संबंध में।

नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और इसके चलते उत्पन्न हो रही यातायात व्यवस्था की समस्या को लेकर मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल ने चिंता जताई है। व्यापार मंडल का कहना है कि कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने का असर केवल भवाली-कैंची धाम क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे नैनीताल, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बागेश्वर और रानीखेत की ओर जाने वाले यात्रियों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापार मंडल के संस्थापक अध्यक्ष एवं नैनीताल निवासी पुनीत टंडन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के लिए किसी व्यक्ति, स्थानीय पुलिस या प्रशासन को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार समस्या का मूल कारण नीतिगत स्तर पर स्पष्ट कार्ययोजना का अभाव है। कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सरकार को तत्काल दीर्घकालिक और व्यापक नीति तैयार करनी चाहिए।

कैंची धाम के लिए बने स्पष्ट पॉलिसी फ्रेमवर्क

पुनीत टंडन ने कहा कि कैंची धाम अब केवल स्थानीय धार्मिक स्थल नहीं रह गया है, बल्कि देशभर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करने वाला प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन चुका है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म के बाद बाबा नीम करौली के प्रति लोगों की आस्था और कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।

ऐसे में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ कैंची धाम पहुंचने से सड़क और यातायात व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त पार्किंग, सड़क, सार्वजनिक परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के असीमित संख्या में लोगों को कैंची धाम आने की अनुमति देना व्यावहारिक नहीं है।

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की जरूरत

व्यापार मंडल ने सरकार से मैक्रो लेवल पर ठोस कदम उठाने की मांग की है। इसके तहत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने, दिल्ली-काठगोदाम समेत अन्य शहरों से रेल सेवाओं का विस्तार करने और क्षेत्र में वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

इसके अलावा पंतनगर एयरपोर्ट समेत हवाई संपर्क को भी युद्ध स्तर पर विकसित करने की मांग की गई है, ताकि पहाड़ों की सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम किया जा सके। व्यापार मंडल का मानना है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को केवल सड़क मार्ग के जरिए संभालना आने वाले समय में और अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।

व्यवस्था दुरुस्त होने तक सीमित पंजीकरण का सुझाव

व्यापार मंडल ने तत्कालिक समाधान के तौर पर कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सीमित पंजीकरण व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है। पुनीत टंडन का कहना है कि जब तक क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत ढांचा और स्थायी व्यवस्थाएं विकसित नहीं हो जातीं, तब तक श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसी की धार्मिक आस्था को रोकना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना होना चाहिए। सीमित संख्या में पंजीकरण होने से पुलिस-प्रशासन के लिए यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को संभालना भी आसान होगा।

सुबह चार से रात 10 बजे तक ट्रैफिक रोकना स्थायी समाधान नहीं

व्यापार मंडल ने कैंची धाम क्षेत्र में यातायात नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पुनीत टंडन ने कहा कि पहाड़ में सुबह करीब चार बजे से रात 10 बजे तक वाहनों की आवाजाही रोकना या प्रतिबंधित करना कोई स्थायी समाधान नहीं है। इससे कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, रानीखेत और अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाले स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि एक धार्मिक स्थल की बढ़ती भीड़ का समाधान पूरे पहाड़ के यातायात को प्रभावित करके नहीं किया जा सकता। इसके लिए अलग से वैज्ञानिक और दीर्घकालिक यातायात प्रबंधन योजना तैयार करनी होगी।

उच्च अधिकारियों और स्टेकहोल्डर्स की समिति बनाने की मांग

मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल ने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री से कैंची धाम को लेकर जल्द से जल्द स्पष्ट पॉलिसी फ्रेमवर्क तैयार करने की मांग की है। साथ ही उच्च अधिकारियों की एक सशक्त समिति (Empowered Committee) गठित करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें प्रशासन, पुलिस, परिवहन, पर्यटन विभाग के साथ स्थानीय व्यापारियों, निवासियों और अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स को शामिल किया जाए।

यह समिति कैंची धाम की वर्तमान स्थिति का अध्ययन कर यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, श्रद्धालुओं की संख्या, सुरक्षा, स्थानीय लोगों की आवाजाही और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार करे।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों के हितों की भी हो रक्षा

पुनीत टंडन ने कहा कि कैंची धाम की बढ़ती लोकप्रियता उत्तराखंड के लिए धार्मिक पर्यटन और आर्थिक दृष्टि से अवसर भी है, लेकिन यदि समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं तो यही बढ़ती भीड़ बड़ी समस्या बन सकती है।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जब तक आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो जातीं, तब तक सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को नियंत्रित एवं पंजीकृत तरीके से कैंची धाम आने की अनुमति देने पर विचार किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस विषय पर समय रहते गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो इससे प्रशासनिक क्षमता और उत्तराखंड की छवि प्रभावित होने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों, मूल प्रवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के अधिकार भी प्रभावित होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया।

पुनीत टंडन

अध्यक्ष, मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल, नैनीताल

Advertisement
यह भी पढ़ें :  भारी यातायात के बीच एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने संभाली नैनीताल की ट्रैफिक कमान, डायवर्जन प्लान से वाहनों की आवाजाही सुचारु

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.