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नैनीताल की बुलंद आवाज हुई खामोश: महिला अधिकारों की अग्रदूत कमल नेगी का निधन

रिपोर्टर: गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। महिला अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाली और नैनीताल में हर जनआंदोलन की सक्रिय चेहरा रहीं कमल नेगी (कमल दी) का आज प्रातः लंबी बीमारी के बाद लगभग 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से सामाजिक और महिला अधिकार आंदोलनों में शोक की लहर दौड़ गई है।

कमल दी ने अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत ‘मैत्री’ महिला संगठन से की थी। वे प्रारंभ से ही महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए संघर्षरत रहीं। शराबबंदी को लेकर हुए कई धरना-प्रदर्शनों में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका रही। उन्होंने महिला हिंसा के विरुद्ध लगातार आवाज उठाई और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उत्तराखंड महिला मंच की महत्वपूर्ण कार्यकर्ता और नेतृत्वकारी भूमिका निभाने वाली कमल नेगी लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन से महिला आंदोलनों को अपूरणीय क्षति हुई है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे महिला अधिकार आंदोलन के लिए बड़ी क्षति बताया है। नैनीताल की गलियों में गूंजने वाली उनकी बुलंद आवाज आज सदा के लिए शांत हो गई।

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