ब्रेकिंग न्यूज़
पिरुल से बदली तकदीर: ध्वेती गांव की भारतीय जीना बनीं ‘पिरुल गर्ल ऑफ नैनीताल’, 24 महिलाओं को दिया रोजगारकुमाऊं विश्वविद्यालय कूटा शिष्टमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से की मुलाकात, शिक्षकों की समस्याओं से कराया अवगतइंस्टाग्राम पर हुआ प्यार, तीन बच्चों की मां प्रेमी संग हरियाणा पहुंची; पुलिस भी नहीं मना सकीलखनऊ के कोचिंग सेंटर में भीषण आग से 15 छात्रों की मौत; जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदे कई छात्र, दिल्ली होटल अग्निकांड से भी सबक नहीं लिया राज्य सरकारों ने, कई कोचिंग संस्थान, होटल व अस्पताल मौत के मुहाने परउत्तराखंड में रिश्तों का खौफनाक कत्ल: बेटी-दामाद ने पिता की पीट-पीटकर की हत्या , दोनों फरार
खबर शेयर करे -

तीन न्यायिक अधिकारियों की सेवा समाप्त,हाईकोर्ट का आजतक का अभूतपूर्व फैसला

नैनीताल। हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के न्यायिक इतिहास में पहली बार अभूतपूर्व कदम उठाते हुए तीन उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी की संस्तुति व राज्यपाल की मंजूरी के बाद शासन ने तीनों वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त करने का आदेश जारी कर दिया।

हाईकोर्ट की वेबसाइट में जारी नोटिपिफकेशन के अनुसार श्रम न्यायालय हरिद्वार के पीठासीन अधिकारी राजेंद्र जोशी तथा श्रम न्यायालय काशीपुर के पीठासीन अधिकारी शमशेर अली तथा देहरादून के चतुर्थ अतिरिक्त जिला एवं सत्रा न्यायाधीश शेष चंद्र को उत्तराखंड न्यायिक सेवा नियमावली 2004 यथो संशोधित 2016 के नियम 25 क में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार राज्यपाल ने लोकहित में आदेश दिया है कि तीनों न्यायिक अधिकारी आदेश जारी होने के अपराह्न से सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

राज्यपाल की मंजूरी के बाद सचिव शैलेश बगौली के हस्ताक्षर से यह आदेश जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि जस्टिस सहित अन्य महत्वपूर्ण लोगों कोभेजी गई है। 

नैनीताल हाईकोर्ट अब तक अनियमितता व भ्रष्टाचार की शिकायत पर करीब एक दर्जन न्यायिक अधिकारियों पर कार्रवाई कर चुका है इसमें तीन न्यायिक अधिकारियों को बर्खास्त करना भी शामिल है।

हाईकोर्ट की कार्रवाई की जद में आए न्यायिक अधिकारियों पर कदाचार, भ्रष्टाचार तथा प्रलोभन व पद के दुरुपयोग का गंभीर आरोप रहा है। एक महिला न्यायिक अधिकारी को घर में काम करने वाली किशोरी के उत्पीडऩ का गंभीर आरोप जांच में साबित होने पर बर्खास्त किया गया था। 

राज्य के न्यायिक इतिहास में यह पहला मौका है जब तीन जिला जज स्तर के सीनियर न्यायिक अधिकारियों को एक साथ व एक ही आदेश में जबरन रिटायर किया गया है।

यह भी पढ़ें :  नीट परीक्षा 2026: नैनीताल जिले को 2 जोन और 11 सेक्टरों में बांटा, 3874 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

You missed

error: Content is protected !!