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भारत-पाकिस्तान सीमा के अटारी बॉर्डर पर पकड़ी गई हेरोइन के मामले में एनआईए ने उत्तराखंड में छापे मारे।

इस मामले में एक अफगान नागरिक समेत कुल चार आरोपी हैं। इनमें एक का उत्तराखंड से भी ताल्लुक बताया जा रहा है। एनआईए ने आरोपियों के घर और दफ्तरों से बहुत से दस्तावेज व अन्य सामग्री बरामद की है।

हालांकि, एनआईए की इस कार्रवाई की स्थानीय पुलिस को जानकारी नहीं लगी। एनआईए की ओर से जारी एक प्रेसनोट में इस बात की पुष्टि की गई है।

एनआईए की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, 24 अप्रैल 2022 को कस्टम ने अटारी बॉर्डर पर बड़ी मात्रा में हेरोइन पकड़ी थी। यह हेरोइन अफगानिस्तान से लाई गई थी।

इस मामले की पहले कस्टम ने जांच की और इसके बाद 30 जुलाई 2022 को एनआईए ने एक नई एफआईआर दर्ज की। इसमें कुल चार आरोपी राजी हैदर जैदी, साहिद अहमद उर्फ काजी अब्दुल वदूद, अफगान नागरिक नाजिर अहमद कनी और विपिन मित्तल हैं।

इनमें एक का उत्तराखंड से भी ताल्लुक है। हालांकि, आरोपियों का यहां पर क्या कारोबार है और किस काम से जुड़े हैं इसकी जानकारी एनआईए की ओर से नहीं दी गई है।

इस पूरे मामले की जांच के बाद एनआईए ने पिछले दिनों चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इसके बाद उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश में मंगलवार को छापे मारे गए।

बताया जा रहा है कि इसमें कई कंपनी और लोग इस मामले से जुड़े हुए हैं। इनका उत्तराखंड से भी बहुत गहरा नाता है। इनके उत्तराखंड के इनके ठिकानों से भी एनआईए ने कई तरह के दस्तावेज हासिल किए हैं।

इधर, इस मामले में जब स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने इस कार्रवाई की जानकारी होने से इंकार कर दिया।

आमतौर पर एनआईए इस तरह के छापे के लिए स्थानीय पुलिस से मदद मांगती है। लेकिन, मंगलवार की इस कार्रवाई में किसी जिले से फोर्स नहीं ली गई।

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