एक लाश दो दावेदार.कारोबारी और एलएलबी की छात्रा हत्याकांड की गुत्थी सुलशाने के लिए अब होगा डीएनए टेस्ट

मुरादाबाद। कारोबारी और एलएलबी की छात्रा अदीला रहमान की हत्या के मामले में जांच उस समय उलझ गई, जब मुरादाबाद और हरिद्वार पुलिस एक ही स्थान पर अलग-अलग हत्याकांडों के आरोपियों को लेकर पहुंच गईं।

दोनों आरोपियों ने दावा किया कि उन्होंने एक युवती की हत्या के बाद शव रुड़की स्थित गंगा नहर में फेंका था। अब बरामद शव की पहचान को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है और मामले का सच सामने लाने के लिए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद पुलिस हत्या के आरोपी गुलफाम अली को रुड़की के उस स्थान पर लेकर पहुंची, जहां उसने अदीला रहमान का शव फेंकने की बात कबूल की थी।

इसी दौरान हरिद्वार पुलिस भी अपने एक हत्यारोपी को उसी स्थान पर लेकर पहुंची। हरिद्वार पुलिस का दावा था कि उसके आरोपी ने भी एक युवती की हत्या कर शव गंगा नहर में फेंका था।

इस बीच, मंगलौर पुलिस पहले ही उस स्थान से एक अज्ञात युवती का शव बरामद कर चुकी थी। पहचान न होने पर 72 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।

अब शव पर मिले कपड़ों के आधार पर मुरादाबाद पुलिस को आशंका है कि वह शव अदीला रहमान का हो सकता है, जबकि हरिद्वार पुलिस का कहना है कि शव उनके मामले से जुड़ी युवती का है।

दोनों दावों के बाद शव की वास्तविक पहचान सबसे बड़ा सवाल बन गई है। पुलिस अब डीएनए जांच के जरिए यह स्पष्ट करेगी कि बरामद शव आखिर किस युवती का था।

दरअसल, कटघर थाना क्षेत्र के कोहिनूर तिराहा निवासी अदिवउर रहमान की पत्नी आबगिना शम्सी ने 17 जुलाई को अपनी बेटी अदीला रहमान के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने शिकायत में कटघर के देवपुर निवासी गुलफाम अली और उसके भाई कुरबान अली पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था। परिजनों के अनुसार, अदीला 29 जून को प्रयागराज से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची थी, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी गुलफाम अली एक अन्य जानलेवा हमले के मामले में 1 जुलाई को रामपुर में सरेंडर कर जेल जा चुका था। जेल में पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर 29 जून की रात अदीला रहमान की हत्या कर शव रुड़की की गंगा नहर में फेंकने की बात स्वीकार की।

अब दोनों मामलों के एक ही स्थान और एक ही शव से जुड़ जाने के कारण जांच और भी पेचीदा हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

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