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लखपति दीदी से लेकर शी मार्ट्स और गर्ल्स हॉस्टल तक, बजट 2026 में महिलाओं को मिली खास सौगात

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 9वें बजट भाषण में कई ऐसे ऐलान कर दिए हैं. जिनसे देश की तस्वीर बदल सकती है।

देश की वित्त मंत्री ने जहां रेल कॉरिडोर का ऐलान किया है. वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री ने कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.20 लाख करोड़ रुपए कर दिया है।

हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों तक कई ऐसे ऐलान किए हैं जो देश को विकसित भारत की ओर लेकर जाएंगे. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण ने ऐसे कौन से 10 बड़े ऐलान कर दिए हैं।

वित्त मंत्री की ओर से किए गए प्रमुख 10 ऐलान

1. कैपेक्स में इजाफा

पिछले कुछ वर्षों में सरकारी पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में लगातार वृद्धि को देखते हुए, वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2027 के लिए सरकारी कैपेक्स को वित्त वर्ष 2026 के 11.2 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव रखा।

2. सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

पर्यावरण के अनुकूल यात्री यात्रा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, वित्त मंत्री ने सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जोड़ने का प्रस्ताव रखा: मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी।

3. बॉन्ड बाजारों को मजबूत करने के उपाय

वित्त मंत्री ने कॉर्पोरेट बॉन्ड इंडेक्स पर फंड और डेरिवेटिव तक पहुंच के साथ एक मार्केट-मेकिंग फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखा. इस कदम का उद्देश्य कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार को मजबूत करना है।

4. निमहंस 2.0 की स्थापना

सरकार उत्तर भारत में एक प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थान स्थापित करने के लिए निमहंस 2.0 की स्थापना करेगी.

5. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज

बजट में मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में कंटेंट लैब स्थापित करने के लिए सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव है।

6. विकसित भारत के लक्ष्य के लिए बैंकिंग पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह समिति संपूर्ण बैंकिंग प्रणाली की समीक्षा करेगी और भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण को गति देने के लिए आवश्यक बदलावों का सुझाव देगी।

7. NRIs की निवेश सीमा में वृद्धि

NRIs की निवेश सीमा 5% से बढ़ाकर 10% कर दी गई है और कुल निवेश सीमा 10% से बढ़ाकर 24% कर दी गई है. इस कदम से अनिवासी भारतीयों की पूंजी की भागीदारी बढ़ने और दीर्घकालिक विदेशी निधियों तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।

8. राजकोषीय सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित

वित्त वर्ष 2027 के लिए राजकोषीय घाटे का बजट अनुमान सकल घरेलू उत्पाद का 4.3 फीसदी है, जबकि वित्त वर्ष 2026 के लिए संशोधित अनुमान 4.4 फीसदी है।

9. आत्मनिर्भर भारत फंड

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को घोषणा की कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देने के लिए आत्मनिर्भर भारत कोष में 2026-27 में 4,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि डाली जाएगी। इस फंड की घोषणा 2023 में उन एमएसएमई में 50,000 करोड़ रुपए की इक्विटी फंडिंग डालने के लिए की गई थी जिनमें बड़े उद्यमों में विकसित होने की क्षमता और व्यवहार्यता है।

10. एसएमई फंड का ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए अग्रणी लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपए का फंड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा. केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए कंटेनर निर्माण हेतु एक योजना का भी प्रस्ताव रखा।

लखपति दीदी योजना

केंद्र सरकार ने लखपति दीदी योजना को जारी रखने की भी घोषणा की है। इस योजना के तहत महिलाओं से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज रहित लोन दिया जाता है, जिससे वो आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकें। इस लोन पर महिलाओं को सरकारी सब्सिडी भी मिलती है।

‘शी मार्ट्स’ की घोषणा

केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद वित्त मंत्री ने ‘शी मार्ट्स’ (She MARTS) की घोषणा की है। ये मार्ट्स स्वयं सहायता उद्यमियों की ओर से संचालित किया जाएगा और रीटेल आउटलेट के रूप में ऑपरेट करेगा।

केंद्र सरकार की इस नई स्कीम का उद्देश्य महिला उद्यमियों की पहुंच बड़ी बाजार तक सुनिश्चित करना है। इसके तहत महिलाएं न सिर्फ अपना खुद का ब्रांड बना सकेंगी, बल्कि अच्छा मुनाफा भी कमा सकेंगी। इससे स्थानीय स्वयं सहायता समूह भी मजबूत होंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छात्राओं को भी बजट में शानदार सौगात दी है। उन्होंने हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने की घोषणा की है। देश के लगभग 700 से ज्यादा जिलों में छात्राओं के रहने के लिए गर्ल्स हॉस्टल की नींवरखी जाएगी।

इनकम टैक्स को लेकर बड़े ऐलान, रिटर्न भरने की तारीख अलग-अलग होंगी

इस बजट की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की प्रक्रिया को लेकर आई है। सरकार ने अब टैक्सपेयर्स की कैटेगरी के हिसाब से रिटर्न भरने की समय सीमा (Deadlines) को अलग-अलग करने का फैसला किया है। इसके साथ ही, नया इनकम टैक्स एक्ट भी इसी साल से लागू होने जा रहा है, जो दशकों पुराने जटिल नियमों को पूरी तरह बदल देगा।

ITR फाइलिंग की तारीखों में बड़ा बदलाव

अब तक ज्यादातर इंडीविज्युअल टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई की तारीख सबसे महत्वपूर्ण होती थी, लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। बजट घोषणा के अनुसार, ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वाले करदाताओं के लिए डेडलाइन को व्यवस्थित किया गया है।

अब करदाता 31 जुलाई तक अपना रिटर्न सुकून से दाखिल कर सकेंगे, जिससे आखिरी समय में पोर्टल पर आने वाले लोड और तकनीकी दिक्कतों से राहत मिलेगी। सरकार का मानना है कि अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग-अलग तारीखें होने से टैक्स सिस्टम पर दबाव कम होगा और रिफंड की प्रक्रिया भी तेज होगी।

नया इनकम टैक्स एक्ट इसी साल से होगा लागू

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में एक और क्रांतिकारी ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि ‘नया इनकम टैक्स एक्ट’ इसी साल से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की जटिल टैक्स व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाना है।

सालों से चले आ रहे पुराने कानूनों को हटाकर अब ऐसी व्यवस्था लाई जा रही है जिससे न केवल टैक्स चोरी रुकेगी, बल्कि आम नागरिक के लिए टैक्स भरना और भी आसान हो जाएगा। इस नए एक्ट के आने से इनकम टैक्स के स्लैब और छूट के नियमों में भी बड़े सुधार देखने को मिल सकते हैं।

विदेश घूमना हुआ सस्ता TCS में भारी कटौती

जो लोग विदेश यात्रा का शौक रखते हैं या काम के सिलसिले में बाहर जाते हैं, उनके लिए यह बजट किसी तोहफे से कम नहीं है। वित्त मंत्री ने ओवरसीज़ टूर पैकेज (Overseas Tour Package) पर लगने वाले टीसीएस (TCS) की दरों में भारी कटौती कर दी है। अभी तक विदेश यात्रा के पैकेज पर 5% और 20% की ऊंची दरों से TCS देना पड़ता था, जिसे अब घटाकर सिर्फ 2% कर दिया गया है। सबसे खास बात यह है कि इस 2% की दर के लिए सरकार ने कोई अधिकतम सीमा (Upper Limit) भी तय नहीं की है। यानी अब आप कितनी भी राशि का टूर पैकेज खरीदें, आपको मात्र 2% ही TCS देना होगा।

क्या होगा आम जनता पर असर?

बजट 2026 के ये ऐलान सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और उनकी सहूलियत से जुड़े हैं। नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने से कागजी कार्यवाही कम होगी और डिजिटल फाइलिंग को और बढ़ावा मिलेगा। वहीं, विदेश यात्रा पर टैक्स कम होने से टूरिज्म सेक्टर को भी नई जान मिलने की उम्मीद है।

मध्यम वर्ग के लिए राहत की बात यह है कि सरकार अब टैक्स सिस्टम को डराने वाला नहीं, बल्कि ‘सहयोग’ वाला बनाने की दिशा में बढ़ रही है।

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