ब्रेकिंग न्यूज़
स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंगा हल्द्वानी-काठगोदाम, महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने किया ध्वजारोहण, उत्कृष्ट कर्मचारियों को किया सम्मानितकुमाऊं में बीजेपी का संगठन मंथन, 2027 चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री धामी और महेंद्र भट्ट ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्रनैनीताल पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ मनाया हरियाली तीज महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समांरामनगर में पुलिस-बदमाश के बीच मुठभेड़, पुलिस पर फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी चंदन सागर गोली लगने से गिरफ्तारस्वतंत्रता दिवस पर लालकुआं को मिली नई पहचान, सांसद अजय भट्ट ने किया भव्य स्वागत द्वारों और तिरंगा लाइटों का लोकार्पण व्यापार
खबर शेयर करे -

नैनीताल में चैत की नवरात्रि में 51 शक्तिपीठ माने जाने वाली माँ नैना देवी मंदिर में भक्तों की लगी भीड़

रिपोर्टर – गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल।  नवरात्री के अवसर पर विभिन्न मंदिरों में देवी के 9 रूपो की पूजा के लिये बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं उमड़ रहे हैं। नवरात्रि के पहले दिन नैनीताल के प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी है।

मां नयना देवी मंदिर में श्रद्धालू पूजा-अर्चना के लिये पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि देवी सती की आंख यहां गिरी थी और इसी के बाद यहां मां नयना देवी की स्थापना हुई। देवी पारवती का पार्थिव शरीर खंडित होने के बाद उनकी बांयी आँख यहाँ गिरी थी।

पुराणों में लिखा है कि देवी पारवती के पिता दक्ष-प्रजापति द्वारा जब विशाल यज्ञ में भगवान् शिव को आमंत्रण नहीं दिया गया तो इस कदम से खिन्न होकर देवी पारवती यज्ञ के हवन कुण्ड में कूदकर सती हो गई, जिससे दुखी भगवान् शिव ने देवी पारवती का पार्थिव शरीर लेकर ब्रह्माण्ड के चक्कर लगाने शुरू कर दिए।

सृष्टि का सन्तुलन बिगड़ने से तीनों लोकों में हाहाकार मच गया, तब सृष्टि के संरक्षक भगवान् विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शव के खंड खंड कर दिऐ। जिससे पारवती की बांयी आँख देश के इसी हिस्से में गिरी और इस देवी का नाम नयना देवी रखा गया।
मां दुर्गा अपनी आंखों से हर इंसान के दुख दर्द देख लेती हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। नवरात्री में लगातार नौ दिनों तक मां नयना देवी में भव्य पूजा अर्चना जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें :  बेटे की किलकारी, कुछ ही देर में मातम: प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने सीएचसी पर लगाया लापरवाही का आरोप

You missed

error: Content is protected !!