देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर सख्त रुख अपनाते हुए देहरादून के जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उनके खिलाफ दीन दयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना के तहत अनुदान राशि जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने और भ्रष्टाचार करने का प्रथम दृष्टया मामला सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
इस संबंध में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल की ओर से मंगलवार को निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर बृजेन्द्र पाण्डेय प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए हैं। उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित होने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान बृजेन्द्र पाण्डेय उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए परिषद के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई एक अहम कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर बृजेन्द्र पाण्डेय के खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई और अन्य निर्णय लिए जाएंगे।


