राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी अल्मोड़ा में हुआ सम्पन्न।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हुए शामिल।
जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल सहित अन्य विजेताओं को किया गया सम्मानित, उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का दोहराया संकल्प।
नैनीताल/अल्मोड़ा। अल्मोड़ा स्थित उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में बुधवार को राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 32 संस्थानों, संगठनों, व्यक्तियों एवं समूहों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला स्तरीय एसडीजी वार्षिक रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों को भी पुरस्कृत किया गया। जनपद नैनीताल को द्वितीय स्थान प्राप्त होने पर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित कर बधाई दी गई। रैंकिंग में रुद्रप्रयाग प्रथम, जबकि उत्तरकाशी और नैनीताल संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहे। बागेश्वर, चमोली और टिहरी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मान उन कर्मयोगियों और संस्थाओं के लिए है जिन्होंने नवाचार, उत्कृष्ट कार्य और समाजहित में अनुकरणीय योगदान देकर सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन संस्थाओं ने अपने मजबूत इरादों से असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के सामने अनेक चुनौतियां हैं, लेकिन पर्यावरण और विकास को साथ लेकर ही संतुलित एवं स्थायी विकास संभव है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में एक समय उत्तराखंड 10वें स्थान पर था, जबकि अब राज्य पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि सुशासन, गरीब कल्याण, सीमांत क्षेत्रों के विकास, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में सरकार लगातार प्रभावी कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जीडीपी में 7.23 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रति व्यक्ति आय में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
साथ ही बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखंड ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि उद्योग, स्टार्टअप, हेलीकॉप्टर सेवा, ग्रीन एनर्जी और हाईवे निर्माण जैसे क्षेत्रों में तेजी से हुए विकास के कारण राज्य में रिवर्स पलायन भी बढ़ा है और लोग अपने गांवों की ओर लौटकर रोजगार एवं स्वरोजगार अपना रहे हैं।


