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हल्द्वानी। कांग्रेस नेता और विधायक सुमित हृदयेश ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जीएसटी सुधार (GST Reform) और एच-1 बी वीजा (H-1B Visa) के मुद्दे को लेकर सरकार की कार्यशैली पर गहरी चिंता जताई है।

हल्द्वानी में मीडिया से बातचीत के दौरान सुमित हृदयेश ने कहा कि जीएसटी को लागू करते समय केंद्र सरकार ने इसे “वन नेशन वन टैक्स” का नाम देकर बड़े बदलाव का दावा किया था।

लेकिन आज स्थिति यह है कि छोटे कारोबारी और व्यापारी वर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स स्लैब की जटिलता और लगातार बढ़ते बोझ के कारण व्यापारी वर्ग आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि सरकार ने जीएसटी सुधार को सही मायनों में लागू नहीं किया और इसका सीधा खामियाजा छोटे व मध्यम वर्ग के कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है।

इसी के साथ उन्होंने एच-1 बी वीजा के मामले को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में काम करने जाने वाले भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एच-1 बी वीजा की पॉलिसी लगातार सख्त होती जा रही है।

इससे न केवल युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है बल्कि भारत की साख भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि आखिर क्यों भारतीय प्रोफेशनल्स के हितों की रक्षा के लिए ठोस कूटनीतिक पहल नहीं की जा रही है।

सुमित हृदयेश ने कहा कि जीएसटी हो या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय युवाओं के रोजगार का सवाल, दोनों ही मुद्दों पर सरकार की निष्क्रियता सामने आ रही है। उन्होंने केंद्र से मांग की कि इन विषयों पर गंभीरता से कदम उठाए जाएं ताकि व्यापारी वर्ग और युवाओं को राहत मिल सके।

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