10 हजार के विवाद में हत्या: लापता सूरज का राज खुला, क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरफ्तार
कर्णप्रयाग (चमोली)। फरवरी माह से लापता चल रहे सूरज पुरोहित हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी नरेंद्र तोपाल को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की वजह महज 10 हजार रुपये का लेन-देन निकली।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पोखरी ब्लॉक के बमोथ निवासी सूरज पुरोहित की हत्या कर शव को कट्टे में भरकर झूलाबगड़ पुल से अलकनंदा नदी में फेंक दिया गया था।
घटना का सुराग 10 मार्च को मिला, जब लंगासू क्षेत्र में अलकनंदा किनारे एक अज्ञात शव बरामद हुआ। पहचान न होने पर पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। बाद में 24 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने कर्णप्रयाग थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। फोटो के आधार पर शव की पहचान सूरज पुरोहित के रूप में हुई, जिसके बाद मामला हत्या में बदल गया।
जांच के दौरान पुलिस को सूरज के मोबाइल की अंतिम लोकेशन 15 फरवरी को नंदप्रयाग में मिली। आगे की पड़ताल में पता चला कि वह नंदाकिनी होटल में रह रहा था और आरोपी नरेंद्र तोपाल के संपर्क में था।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर 16 फरवरी की रात आरोपी को एक सफेद प्लास्टिक के कट्टे को कार की डिग्गी में रखकर ले जाते हुए देखा गया। इसके बाद वह झूलाबगड़ पुल की ओर जाता नजर आया और लौटकर अपनी कार को साफ करता दिखाई दिया।
सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने सूरज से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और वह बार-बार पैसे मांग रहा था।
इसी बात को लेकर 16 फरवरी की रात दोनों के बीच शराब के दौरान विवाद हुआ, जिसके बाद उसने सूरज की हत्या कर दी और शव को नदी में फेंक दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। इस घटना ने एक बार फिर मामूली विवादों के खौफनाक अंजाम की तस्वीर सामने ला दी है।


