ब्रेकिंग न्यूज़
हल्द्वानी : महिला के सम्मान पर बुरी नजर डालने वाला विकृतकामी 24 घंटे में चढ़ा पुलिस के हत्थे, रात को दिवाल फांदकर चुराए थे महिला के कपड़े, कपड़े बरामद; महिलाओं के सम्मान से समझौता नहीं, दोषियों को हर हाल में जेल भेजेंगे — एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसीभीमताल : कैबिनेट मंत्री कैड़ा ने भीमताल मै अधिकारियो की ली बैठक, बरसात मै आपदा से आने वाली समस्याओ से निपटने के लिए तैयार रहने के दिए निर्देशहल्द्वानी : धर्म की आड़ में गाली- गलौज और जान से मारने की धमकी, SSP की सख्ती से महाराष्ट्र का आरोपी सलाखों के पीछेप्रेमी संग मिलकर मंगेतर को गहरी खाई में दिया धक्का, 17 करोड़ की शादी से पहले रची हत्या की साजिशमोबाइल की लत बनी जानलेवा! पिता की डांट से नाराज नाबालिग किशोरी ने फांसी लगाकर दी जान
खबर शेयर करे -

उत्तराखंड के करीब 1300 युवाओं से रोजगार और प्रशिक्षण के नाम पर ठगी

प्रदेश के युवाओं से सदस्यता व प्रशिक्षण के लिए ₹6100 प्रति व्यक्ति की दर से रूपए लेने का आरोप

बिहार में पंजीकृत संस्था-लघु उद्योग विकास परिषद (सिडको) के खिलाफ उत्तराखंड के करीब 1300 युवाओं से रोजगार और प्रशिक्षण के नाम पर ठगी के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

नेहरू कॉलोनी थाने के अंतर्गत बाईपास चौकी प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह पुंडीर की ओर से यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मामले में शिकायत के बाद दरोगा प्रवीण पुंडीर ने तफ्तीश की थी। जांच में पता चला कि सिडको को भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के तहत 21 अप्रैल 2023 को बिहार के पटना में पंजीकृत किया गया था।

इसने देहरादून के अजबपुर में कार्यालय खोलकर प्रदेश के युवाओं से सदस्यता व प्रशिक्षण के लिए ₹6100 प्रति व्यक्ति की दर से पैसे लिए।

संस्था का दावा है कि यह राशि सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और रोजगार प्रशिक्षण के लिए ली जा रही है। जांच के दौरान इसकी कार्यप्रणाली और खातों के लेन-देन में गड़बड़ी मिली।

नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष संजीत कुमार के अनुसार, इस मुकदमे में सिडको अध्यक्ष सुंगध कुमार, कोषाध्यक्ष अभिषेक कुमार, सचिव अभय कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप सिंह ठाकुर आरोपी बनाए गए।

बैंक खातों के लेन-देन में गड़बड़ी

पुलिस जांच में पाया गया कि सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के नाम पर सिडको की ओर से शुल्क लेना गलत है, क्योंकि केंद्र या राज्य सरकार से ऐसी किसी नीति के लिए शुल्क लेने का कोई प्रावधान नहीं है। बैंक खातों के लेन-देन में अनियमितता के आधार पर देहरादून की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब विस्तृत जांच की जा रही है।

पुलिस के नोटिस पर भी नहीं पहुंचे प्रतिनिधि

पुलिस जांच के दौरान इस संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप सिंह ठाकुर और कैशियर अशिका गुप्ता से पूछताछ की गई। प्रदीप सिंह ने बताया कि यह संस्था नौ राज्यों में सक्रिय है और उत्तराखंड में 1300 से अधिक लोगों को जोड़ा गया है।

इन सदस्यों से ली गई रकम एचडीएफसी और एसबीआई के खातों में जमा कराई जाती है। लेकिन, वे किस तरह का प्रशिक्षण देते हैं और किस तरह रोजगार मिलता है, इसकी जानकारी नहीं दे पाए।

इसके बाद इस संस्था के अध्यक्ष सुगंध कुमार को नोटिस भेजा गया, मगर वे पक्ष रखने नहीं पहुंचे। इस संस्था के झांसे आकर में रकम लगाने वालों से पूछताछ करते हुए बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें :  विशेष संपर्क अभियान के तहत सांसद अजय भट्ट ने वीरांगना भावना गोस्वामी का किया सम्मान

You missed

error: Content is protected !!