ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

ऑरेंज’ अलर्ट के चलते केदारनाथ यात्रा को तत्काल रोकने का निर्देश,सोमवार को उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर हिमपात होने की संभावना

उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन का खतरा, केदारनाथ यात्रा पर लगी रोक; हाई अलर्ट पर SDRF-NDRF

भारी बारिश, तूफान और भूस्खलन की आशंका के बीच प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया, मौसम सुधरने पर फिर शुरू होगी यात्रा

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में खराब मौसम और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए रविवार सुबह केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया। यात्रा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग, गौरीकुंड तथा अन्य सुरक्षित होल्डिंग सेंटरों में ठहराया गया है।

गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम सामान्य होने तक किसी भी श्रद्धालु को आगे न जाने दिया जाए। प्रशासन के अनुसार यात्रा मार्ग पर भारी बारिश, तेज हवाओं और संभावित भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने बताया कि सुबह करीब 9:45 बजे यात्रा को रोका गया। सेक्टर अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। SDRF, NDRF और DDRF की टीमें हाई अलर्ट पर तैनात हैं, जबकि सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर हालात का निरंतर आकलन किया जा रहा है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और मौसम सामान्य होने तक धैर्य बनाए रखें। यात्रा पुनः शुरू करने का निर्णय मौसम और मार्ग की स्थिति का आकलन करने के बाद लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और चारधाम यात्रा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए प्रशासन इस बार विशेष सतर्कता बरत रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

ऐसे में श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और प्रशासन से जुड़े आधिकारिक अपडेट अवश्य जांच लें।

प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और मौसम अनुकूल होते ही केदारनाथ यात्रा को फिर से सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें :  उत्तराखंड में चुनावी बिगुल तेज, भाजपा के नितिन नवीन और राहुल गांधी के दौरों से गरमाई सियासत

You missed

error: Content is protected !!