ब्रेकिंग न्यूज़
कालाढूंगी में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन करते हुए भाजपा का पुतला फूंका और सरकार व शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।नैनीताल में भू-कानून के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई, 14 मामलों में 6.088 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेशमुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना-2026: ताड़ीखेत में ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतियोगिता संपन्न, जनपद स्तर के लिए खिलाड़ियों का चयनमैत्री बैडमिंटन मुकाबले में टैक्स बार एसोसिएशन ने मारी बाजी, फाइनल में आयकर विभाग को दी शिकस्तइंदौर में घी पर रोक के बाद उत्तराखंड में अलर्ट, दूध-डेयरी उत्पादों में मिलावट के खिलाफ बड़ा अभियान, खुले में ले जाए जा रहे पनीर की गाड़ियों से लिए सैंपल
खबर शेयर करे -

नैनीताल। जिले में भू-कानून के उल्लंघन के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जांच के बाद भू-कानून के उल्लंघन के 14 मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 6.088 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश दिए हैं। यह भूमि करीब 304 नाली बताई जा रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई से भू-कानून का उल्लंघन करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गई जांच में भूमि खरीद और उसके उपयोग से जुड़े नियमों के उल्लंघन के कई मामले सामने आए। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ लोगों ने बागवानी के उद्देश्य से भूमि खरीदी थी, लेकिन निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप वहां बागवानी का कार्य नहीं किया जा रहा था।

वहीं, कुछ मामलों में एक ही परिवार द्वारा भू-कानून में निर्धारित सीमा से अधिक भूमि खरीदने की बात भी सामने आई। इसके अलावा कृषि कार्य के लिए आवंटित अथवा खरीदी गई भूमि पर व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किए जाने के मामले भी जांच में सामने आए।

प्रशासन ने इन मामलों को भू-कानून के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया है कि जिले में भू-कानून के उल्लंघन के मामलों की जांच लगातार जारी रहेगी और नियमों के विपरीत भूमि खरीदने अथवा उसका उपयोग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि भू-कानून का उद्देश्य भूमि के दुरुपयोग और नियमों के विपरीत खरीद-फरोख्त पर रोक लगाना है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी व्यक्ति ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर भूमि खरीदी है या भूमि का उपयोग स्वीकृत उद्देश्य के विपरीत किया जा रहा है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की ओर से 14 मामलों में 6.088 हेक्टेयर यानी करीब 304 नाली भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश दिए जाने को जिले में भू-कानून के उल्लंघन के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में माना जा रहा है।

जिलाधिकारी ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी ऐसे मामलों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों की जमीन राज्य सरकार में निहित करने की कार्रवाई जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी : बायोप्सी के दौरान मरीज की संदिग्ध मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप; पुलिस जांच में जुटी

You missed

error: Content is protected !!