नैनीताल। नाबार्ड के क्लस्टर पॉलीहाउस घोटाले को लेकर मामला एक बार फिर गरमा गया है। शिकायतकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल कुमाऊं आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने पहुंचा, लेकिन आयुक्त के कार्यालय में मौजूद न होने के कारण ज्ञापन सहायक आयुक्त जीवन सिंह नागन्याल को सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया के सामने पूरे मामले को रखते हुए आरोप लगाया कि पॉलीहाउस योजना में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बाद टीम ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय स्थित विधिक सलाहकार कार्यालय में जाकर कानूनी परामर्श भी लिया।
कानूनी सलाह के अनुसार, 15 दिनों के भीतर यदि प्रशासनिक स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो हाई कोर्ट में माननीय मुख्य न्यायाधीश से स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध करते हुए पत्र प्रेषित किया जाएगा।
साथ ही किसानों की एक समिति बनाकर उपभोक्ता अदालत में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है, जिसमें किसानों के नुकसान की भरपाई चक्रवृद्धि ब्याज और मुआवजे सहित करने की मांग उठाई जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि किसानों की समिति गठन की प्रक्रिया पहले से ही शुरू कर दी गई है और जल्द ही इसे औपचारिक रूप दिया जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ी जा सके।

