बबीता की तलाश में 120 जवान और 3 ड्रोन तैनात, गोई से 200 मीटर नीचे मिली अंतिम लोकेशन
उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई रामनगर (नैनीताल) निवासी एमबीए छात्रा बबीता पांडे की तलाश के लिए खोज एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बबीता की अंतिम मोबाइल लोकेशन दयारा के पड़ाव गोई से लगभग 200 मीटर नीचे की ओर मिली है। यह जानकारी उसके मोबाइल एप के रात करीब डेढ़ बजे तक सक्रिय रहने के आधार पर प्राप्त हुई है।
पुलिस ने बताया कि अंतिम लोकेशन का पता लगाने के लिए एल्फा, बीटा और गामा तकनीकी का उपयोग किया गया है। इसी आधार पर खोज अभियान को और अधिक केंद्रित एवं तेज किया जा रहा है।
इस बीच पूर्व ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन अफवाहों का खंडन किया है, जिनमें बबीता के “परियों द्वारा हरण” किए जाने जैसी बातें कही जा रही थीं। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह तथ्यहीन और अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाला बताया तथा प्रशासन से खोज अभियान में और तेजी लाने की मांग की।
मंगलवार को अभियान के 11वें दिन सीओ उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार और बड़कोट की सीओ चंचल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, वन विभाग, निम, आपदा प्रबंधन क्यूआरटी, डॉग स्क्वायड, स्थानीय लोगों और गाइडों सहित 120 से अधिक सदस्यों की तीन अलग-अलग टीमों ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। खोज में तीन ड्रोन टीमों की भी सहायता ली गई, लेकिन अब तक बबीता पांडे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और अंतिम लोकेशन के आधार पर खोज अभियान लगातार जारी रहेगा।


