बागेश्वर। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक मार्ग पर लापता हुए नोएडा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
खोज अभियान के दौरान उनका कैमरा एक गहरी खाई से बरामद होने के बाद अनहोनी की आशंकाएं बढ़ गई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण एसडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों को राहत एवं बचाव कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी और वर्तमान में गुजरात में रह रहे 35 वर्षीय अभिषेक चौहान नोएडा स्थित एलएंडटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनके पिता रघुराज चौहान दिल्ली में बीएसएफ में कार्यरत हैं।
जानकारी के अनुसार अभिषेक 28 मई को स्थानीय गाइड आनंद राम के साथ पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक पर निकले थे। 29 मई को द्वाली से खाती लौटते समय मलियाधौड़ क्षेत्र के पास उन्होंने थकान होने की बात कहकर गाइड को आगे बढ़ने के लिए कहा। काफी देर तक उनके नहीं पहुंचने पर गाइड ने आसपास तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद उसने खाती गांव पहुंचकर वन विभाग और पुलिस को घटना की सूचना दी।
रविवार को एसडीआरएफ के मुख्य आरक्षी टीका सिंह कार्की के नेतृत्व में बचाव दल मौके पर पहुंचा। टीम ने रस्सियों की मदद से लगभग 60 से 70 मीटर गहरी खाई में उतरकर खोजबीन की, जहां से अभिषेक का कैमरा बरामद हुआ। इसके बाद पिंडर नदी के किनारे और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
इस बीच अभिषेक के पिता और अन्य परिजन भी बागेश्वर पहुंच गए हैं और खोज अभियान की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने बताया कि मौसम अनुकूल होते ही खोज अभियान को और तेज किया जाएगा।

