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हल्द्वानी। बनभूलपुरा में हिंसा भड़काने में शामिल उपद्रवियों और अराजक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीना ने बताया कि नैनीताल पुलिस हल्द्वानी हिंसा के सिलसिले में अब तक गिरफ्तार और पहचाने गए 37 उपद्रवियों की संपत्ति का विवरण जुटा रही है।

पुलिस पहले ही साफ कर चुकी है कि वह उपद्रवियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर के एक मिसाल कायम करेगी ताकि भविष्य में कोई भी राज्य, जिला प्रशासन और सरकारी अधिकारियों को चुनौती देने की कोशिश ना करे।

नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीना ने कहा कि उन्होंने अब तक 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह संख्या बढ़ेगी क्योंकि आगजनी और बर्बरता में शामिल दंगाइयों की पहचान का काम जारी है। एसएसपी ने आगे कहा कि हिंसा के संदिग्ध साजिशकर्ता अब्दुल मलिक को गिरफ्तार करने के उनके प्रयास और उसे गिरफ्तार करने के लिए राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों में टीमें भेजी गई हैं। साजिशकर्ता अब्दुल मलिक विवादास्पद भूमि पर कब्जा करना चाहता था।

इस बीच नैनीताल शिक्षा विभाग ने उन छात्रों को एक स्थानीय सरकारी स्कूल में नामांकित करने का निर्णय लिया है जो 8 फरवरी को ‘नजूल’ भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए मदरसे में पढ़ते थे।

नैनीताल के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) जगमोहन सोनी ने कहा कि मैंने संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीएलओ) को उन बच्चों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है जो ध्वस्त मदरसे में पढ़ते थे। अधिकारी से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बच्चों को निकटतम स्कूल में प्रवेश दिया जाए ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित ना हो।

पुलिस अधिकारी ने कहा- मैंने बीएलओ को कर्फ्यू अवधि के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय करके सूची की तैयारी पूरी करने के लिए कहा है ताकि कर्फ्यू हटने के तुरंत बाद बच्चों को दाखिला दिया जा सके। 

बनभूलपुरा के छात्र प्रैक्टिकल सहित अपनी वार्षिक और बोर्ड परीक्षाओं से ना चूकें, भले ही इलाके में कर्फ्यू लगा रहे। इस बीच, नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बनभूलपुरा में लोगों के मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आठ सदस्यीय समिति का गठन किया है।

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