ब्रेकिंग न्यूज़
नैनीताल : ज्योलीकोट में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक का वित्तीय समावेशन अभियान, ग्रामीणों को बैंकिंग और साइबर सुरक्षा की दी जानकारीकारोबारी की दर्दनाक विदाई: वृद्धाश्रम में ली अंतिम सांस, तीनों शिक्षक बेटियों ने अंतिम संस्कार में आने से किया इनकारउत्तराखंड की 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण में उत्कृष्ट सेवाओं का मिला पुरस्कारफुलवाड़ी-खाईंधार सड़क के लिए आंदोलन तेज, महिलाओं का 14वें दिन भी जारी रहा अनशनउत्तराखंड के विकास को मिली रफ्तार: धामी सरकार ने 1967 करोड़ की योजनाओं को दी मंजूरी, जीआईएस ड्रेनेज सिस्टम से जलभराव और बाढ़ पर लगेगी लगाम
खबर शेयर करे -

नैनीताल नगर पालिका उपेक्षा को लेकर पालिका अध्यक्ष डॉ सरस्वती खेतवाल प्रेस वार्ता की

रिपोर्टर गुड़डू सिंह ठठोला

नैनीताल में 22 से 25 नवंबर तक आयोजित हुए विंटर कार्निवाल में नैनीताल नगर पालिका सभासद और पालिकाध्यक्ष की उपेक्षा को लेकर आज पालिकाध्यक्ष डॉ सरस्वती खेतवाल ने पालिका में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कार्निवाल में शिरकत करने पहुँचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उन्हें मिलने नही दिया गया।

उन्होंने कहा पालिका नगर की प्रथम महत्वपूर्ण कार्यदायी संस्था है। जो नगर की देखरेख करने वाली संस्था की कार्निवाल की दौरान की उपेक्षा से आहत है। डॉ सरस्वती खेतवाल ने कहा नगर के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके द्वारा कार्निवाल के सम्पन्न होने तक विरोध नही किया। जब पालिका के सभासदों, अधिशासी अधिकारी व उनकी उपेक्षा की गई तो उन्हें विरोध करना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन के द्वारा वाल्मीकि समाज सभासदों को दरकिनार किया गया जबकि ब्रिटिश काल से ही वाल्मीकि समाज नगर हित में प्रत्येक परिस्थिति में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा इसके साथ ही आजादी के समय भी वाल्मीकि समाज का विशेष सहयोग रहा।

जिला प्रशासन द्वारा नगर में करवाये जाने वाली किसी भी सार्वजनिक का कार्य में वाल्मीकि समाज को आमंत्रित नहीं करती है ऐसा प्रतीत होता है कि जिला प्रशासन वाल्मीकि समाज को महज एक भीड़ का हिस्सा समझा जाता है।

जबकि वाल्मीकि समाज व्यक्ति भी नैनीताल एवं प्रदेश की विभिन्न निकायों में हर परिस्थिति में प्रदेश को आगे बढ़ाने में सहयोग करते हैं। नैनीताल नगर के सार्वजनिक कार्यक्रमों में देव भूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए जिससे कि बाल्मीकि समाज प्रत्येक व्यक्ति के मान मर्यादा को ठेस ना पहुंच सके।

यह भी पढ़ें :  श्री नंदा देवी महोत्सव 2026 की तैयारियां तेज, सफल आयोजन के लिए 22 समितियों का गठन

You missed

error: Content is protected !!