हल्द्वानी में शवों की अदला-बदली का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मोर्चरी से एक बुजुर्ग और एक युवक के शव गलती से बदल गए, जिसका खुलासा तब हुआ जब परिजन शव घर ले जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान कफन खोलने लगे। शव देखते ही परिजनों के होश उड़ गए और मामले की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दी गई।
जानकारी के अनुसार, पनियाली क्षेत्र के रेशम बाग निवासी 64 वर्षीय रमित चंद्र की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई थी। वहीं, बागेश्वर जिले की चिड़ग ग्राम पंचायत निवासी 40 वर्षीय मनोज सिंह की पड़ोसियों के साथ हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी मोर्चरी लाया गया था।
बताया जा रहा है कि पहले मनोज सिंह के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव बाहर आते ही रमित चंद्र के परिजन जल्दबाजी में उसे अपना शव समझकर साथ ले गए। कुछ देर बाद जब रमित चंद्र का शव पोस्टमार्टम के बाद बाहर लाया गया तो वहां मौजूद मनोज सिंह के परिजन उसे देखकर चौंक गए। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और शवों की अदला-बदली की पुष्टि हुई।
मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग में हड़कंप मच गया। फोरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. एके सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हल्द्वानी निवासी मृतक के परिजन बिना पहचान सुनिश्चित किए शव अपने साथ ले गए थे। बाद में दोनों परिवारों से संपर्क कर शवों को सही परिजनों को सौंप दिया गया।
इस घटना ने मोर्चरी की कार्यप्रणाली और शवों की पहचान सुनिश्चित करने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


