भीमताल। ओखलकांडा क्षेत्र में बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार सुबह बाघ के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुटिया खाल देव स्थल के पास रविवार सुबह 35 वर्षीय गंगा देवी पत्नी जीवन चंद्र पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया।
बाघ महिला को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। ग्रामीणों ने काफी खोजबीन के बाद गंगा देवी का शव लगभग दो किलोमीटर दूर जंगल से बरामद किया।
घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ की आवाजाही बनी हुई है और लगातार हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी ओखलकांडा के चमोली क्षेत्र में एक महिला तेंदुए का शिकार बन चुकी है।
राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद हमले नहीं रुके हैं।
उन्होंने कहा कि वन विभाग की लापरवाही और निष्क्रियता के कारण निर्दोष लोगों की जान जा रही है। उन्होंने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, बाघ को पकड़ने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
घटना की सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और क्षेत्र में बाघ की निगरानी बढ़ा दी गई है।











