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उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. यूसीसी को लेकर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. अब वैवाहिक पंजीकरण और वसीयत पंजीकरण से अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखाकारों को बाहर करने के विरोध में पूरे उत्तराखंड में जगह- जगह पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।

इसी क्रम में उधम सिंह नगर जिले में कई तहसीलों में एक सप्ताह से अधिक समय से अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखाकारों का कार्य बहिष्कार चल रहा है. इससे आम लोगों को अन्य कामों के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा है।

नैनीताल सिविल कोर्ट में अधिवक्ताओं ने 5 वे दिन में हड़ताल जारी रखी

नैनीताल जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं ने अपनी हड़ताल जारी रखी अधिवक्ता संशोधन बिल के खिलाफ अब वकील लामबंद हो गये हैं।

नैनीताल में शनिवार को अधिवक्ताओं ने केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और संशोधन बिल का विरोध किया।

इस दौरान जिला अदालत के सभी अधिवक्ताओं ने पूर्ण रुप से कार्य बहिष्कार करते हुए केन्द्र सरकार अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर के सामने प्रर्दशन करते हुए अधिवक्ताओं के हड़ताल के चलते रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।

जिससे यहां आने वाले दर्जनों लोगों को रोजाना काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिवक्ता दया किशन पोखरिया ने कहा कि सरकार से प्रदेश के मुख्यमंत्री से वार्ता चल रही है।

उन्होंने आश्वासन दिया है की जल्दी ही पुरानी व्यवस्था को लागू किया जाएगा इसके बाद हम आंदोलन को अपना समाप्त कर देंगे बार एसोसिएशन स्ववित्त संस्थाएं हैं और उन पर इस तहर के कानून थोपना एक दम गलत है।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा कि इस बिल के जरिये अगर कोई वकील केस हार जायेगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई और मुआवजा देने की बात कही गयी है।

वहीं केन्द्र सरकार के तीन व्यक्तियों को रख रही है जो सभी को नियंत्रित करेगी।

अधिवक्ताओं ने कहा कि उनके जो विरोध करने का अधिकार है उसको भी खत्म किया जा रहा है जिसके लिये वो आन्दोलन करेंगे।

लेखाकार- अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
प्रदेश में लागू यूसीसी कानून के तहत अब वसीयत पंजीकरण और वैवाहिक पंजीकरण को ऑनलाइन करने से आक्रोशित वकीलों और दस्तावेज लेखाकार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उधम सिंह नगर के जिला मुख्यालय रुद्रपुर में पिछले दस दिनों दस्तावेज लेखाकारों और अधिवक्ताओं के जरिये लगातार कार्य बहिष्कार किया जा रहा है।

इसके अलावा किच्छा, गदरपुर, बाजपुर, काशीपुर, सितारगंज और खटीमा में भी दस्तावेज लेखाकारों और अधिवक्ताओं के जरिये विरोध किया जा रहा है. अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखाकारों के कार्य बहिष्कार के कारण आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहें हैं, जिससे उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है।

अधिवक्ताओं ने दी चेतावनी
वरिष्ठ अधिवक्ता जीवन जोशी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार से लेकर उत्तराखंड की धामी सरकार तक अधिवक्ताओं को परेशान करने वाले नियम लेकर आ रही है. इन नियमों के कारण अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश में लागू किए गए यूसीसी में वसीयत और वैवाहिक पंजीकरण को ऑनलाइन कर दिया है।

वरिष्ठ अधिवक्ता जीवन जोशी ने यूसीसी में वसीयत और वैवाहिक पंजीकरण ऑनलाइन होने से वकीलों और दस्तावेज लेखाकारों को बेरोजगार करने का काम किया है. इसको किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो हमें उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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