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देहरादून। पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।

वर्ष 1972 में पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने की थी।

इसी क्रम में उत्तराखण्ड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (यू0यू0एस0डी0ए0) द्वारा परियोजना क्षेत्रान्तर्गत विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।

इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की थीम “प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करना” है, जिसमें समाज के सभी स्तरों पर प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए तत्काल और सामूहिक कार्यवाही का आह्वाहन किया गया है।

यू0यू0एस0डी0ए0 परियोजना में शहरों के प्रमुख हितधारकों को सम्मिलित करते हुए समावेशी, शैक्षिक और कार्यवाही उन्मुख ;।बजपवद व्तपमदजंसद्धए गतिविधियों की एक श्रृंखला के माध्यम से विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के लिए प्रोतसाहित किया जाता है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अन्तर्गत प्लास्टिक प्रदूषण और उसके प्रभाव पर जागरूकता, ैपदहसम नेम प्लास्टिक के उपयोग उत्पादन को कम करना, प्लास्टिक कचरे का उचित प्रबन्धन, रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना, माइक्रोप्लास्टिक की भोजन, पानी एवं हवा में उपस्थिति के बारे में जागरूकता व मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र पर फैके गय एवं जलाये गये प्लास्टिक के प्रभाव आदि पर मुख्यतः फोकस किया गया।

इसके अतिरिक्त विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर परियोजना क्षेत्रान्तर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम भी चलाया गया।

 कार्यक्रम में परियोजना प्रबन्धक कुलदीप सिंह, सामाजिक विशेषज्ञ संतोषी डिमरी, गीता उप्रेती, कनक, कविता, मयंक तिवारी, वन्दना, मनोज, अजय, राधा, महेन्द्र एवं जितेन्द्र मनराल आदि सम्मिलित रहे।

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