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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट के गौलापार में शिफ्टिंग को लेकर पेच फंसने से रामनगर क्षेत्र में इसके आने की उम्मीद फिर से जग गई है। पूर्व में भी सर्वे के दौरान हल्द्वानी के साथ रामनगर में हाईकोर्ट के लिए भूमि के सर्वे हो चुके हैं।

रामनगर बार ने भी हाईकोर्ट के लिए बैठक की। हाईकोर्ट की नैनीताल से शिफ्टिंग के लिए पूर्व में किए सर्वे में हल्द्वानी और रामनगर में भूमि का सर्वे किया था। रामनगर में आमपोखरा वनक्षेत्र में भूमि की बाबत रिपोर्ट दी गई थी। जिसमें गौलापार की वनभूमि फाइनल हुई थी।

अब वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की रीजनल इम्पावर्ड कमेटी ने वन भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव को खारिज करर दिया है। अब शासन से राजस्व भूमि का सर्वे करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में रामनगर में हाईकोर्ट शिफ्टिंग की संभावना फिर बढ़ गई है।

रामनगर बार अध्यक्ष जगदीश मासीवाल की अध्यक्षता मेंतहसील क्षेत्र में हाईकोर्ट लाने के पक्ष में बैठक की गई। इसमें रामनगर में हाईकोर्ट की संभावना के लिए गढ़वाल, हरिद्वार और देहरादून से भी समर्थन जुटाने का फैसला लिया गया।

बार कार्यकारिणी सदस्य प्रभात ध्यानी के अनुसार रामनगर में हाईकोर्ट आने से हल्द्वानी के मुकाबले, गढ़वाल और दून हरिद्वार के वादियों का डेढ़ से दो घंटे का समय बचेगा। ऐसे में इससे बेहतर विकल्प नहीं हो सकता।

आमपोखरा स्थानांतरित करने पर की चर्चा

रामनगर रामनगर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बैठक कर हाईकोर्ट को रामनगर स्थित आमपोखरा स्थानांतरित करने पर चर्चा की गई। बार के मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया, आमपोखरा में राजस्व विभाग की भूमि इसके लिए सबसे उपयुक्त है, यह कुमाऊं-गढ़वाल का प्रवेश द्वार भी है।

अधिवक्ताओं ने इस संबंध में जल्द प्रदेश के सीएम से मिलने की बात कही। कहा इसके बाद आगमी निर्णय लिया जाएगा।

इस अवसर पर रामनगर बार के अध्यक्ष जगदीश मासीवाल, पीएस बोहरा, गणेश कुमार गगन, ललित मोहन, ललित मोहन जोशी, सुरेश नैनवाल, जगतपाल रावत, दीवानगिरी, नसिरुद्दीन, अरुण रौतेला, रवि तिवारी मौजूद रहे।

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