ब्रेकिंग न्यूज़

21 सितंबर को शासन को सौंपा था मांग-पत्र, सुनवाई नहीं होने से नाराज आउटसोर्स कर्मचारियों ने मीडिया से सहयोग की अपील की

देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत कर्मचारियों और सचिवालय रक्षक अभ्यर्थियों ने अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर शासन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। शासन स्तर पर मांगों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थी आगामी 6 अक्टूबर को देहरादून के परेड ग्राउंड में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।

आंदोलनरत कर्मचारियों ने मीडिया संस्थानों से उनके आंदोलन और मांगों को प्रमुखता से प्रकाशित करने की अपील की है। इस संबंध में जारी पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से सेवाएं दे रहे कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी मांगें रोजगार, पारदर्शिता, सेवा सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ी हुई हैं।

21 सितंबर को शासन को सौंपा था मांग-पत्र

कर्मचारियों के अनुसार, अपनी मांगों को लेकर उन्होंने 21 सितंबर 2026 को सचिवालय कूच किया था। इसके बाद विधिवत रूप से अपना मांग-पत्र शासन को सौंपा गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्य सचिव को भी पत्र भेजे जाने का आश्वासन दिया गया था और उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि उनकी मांगों पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, कर्मचारियों का आरोप है कि 29 सितंबर तक शासन स्तर पर उनकी मांगों पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई। न ही उन्हें मांगों पर हुई कार्रवाई अथवा शासन के निर्णय के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी दी गई। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

शासन की चुप्पी के विरोध में धरना

आंदोलनकारियों ने कहा कि लगातार शासन का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसी क्रम में 6 अक्टूबर को परेड ग्राउंड में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

कर्मचारियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से होगा। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत प्राप्त अधिकारों का हवाला देते हुए अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से उठाने की बात कही है।

मीडिया से सहयोग की अपील

आंदोलनकारियों ने समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे उनकी मांगों और आगामी धरना-प्रदर्शन को प्रमुखता से प्रकाशित करें। उनका कहना है कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और जनहित से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

पत्र में कहा गया है कि यह संघर्ष केवल नौकरी प्राप्त करने अथवा सेवा संबंधी मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि न्याय, पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि मीडिया उनकी आवाज को शासन तक पहुंचाने में सहयोग करेगा, जिससे सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर सके।

6 अक्टूबर को परेड ग्राउंड में जुटेंगे कर्मचारी

आंदोलनकारियों के अनुसार, यदि उनकी मांगों पर शासन स्तर से समय रहते सकारात्मक पहल नहीं होती है तो 6 अक्टूबर को परेड ग्राउंड में बड़ी संख्या में कर्मचारी और अभ्यर्थी एकत्र होकर शांतिपूर्ण धरना देंगे। उन्होंने सरकार से मांगों पर वार्ता कर समाधान निकालने और लंबित प्रकरणों पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि संवाद और समाधान चाहते हैं। उनका उद्देश्य अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने रखना और अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति की मांग करना है।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  डीएसबी परिसर छात्रसंघ चुनाव: विभिन्न पदों के लिए नामांकन पत्र खरीदे गए, कल होगा नामांकन
❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.