राम की नगरी अयोध्या की पावन धरती पर आज ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया है, जिसका ध्वजारोहण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने वाला है।

राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या पहुंच चुके हैं।

आगमन के बाद पीएम मोदी सबसे पहले शेषावतार मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की।

यह कार्यक्रम भगवान राम और माता सीता की विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर अभिजीत मुहूर्त (सुबह 11:52 से दोपहर 12:35 बजे) में आयोजित किया जा रहा है. राम जन्मभूमि मंदिर के 191 फीट ऊंचे मुख्य शिखर पर केसरिया ध्वज फहराकर ध्वजारोहण संपन्न हुआ, जो मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक माना जा रहा है।

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राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण की पूर्णता का वैश्विक घोषणा-पत्र है. 11 किलोग्राम वजनी केसरिया ध्वज पर सूर्य चिह्न, ‘ॐ’ और कोविदार वृक्ष अंकित हैं, जो प्रभु श्री राम के तेज, शौर्य और दिव्यता का प्रतीक हैं।

अयोध्या इस अवसर पर भक्ति और उत्सव की भावना से सराबोर है। शहर को 100 टन फूलों से सजाया गया है, वहीं मंदिर परिसर को रामायण के 87 पाषाण खंडहरों व 79 कांस्य प्रतिमाओं से अलंकृत किया गया है।

सुरक्षा के लिहाज से 7-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और पीएम मोदी के 2 किलोमीटर लंबे रोड शो पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

कार्यक्रम से एक दिन पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि प्रभु श्री राम भारतवर्ष की आत्मा और गौरव का आधार हैं।

उन्होंने इसे जीवन का सौभाग्य बताया कि वे राम मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और केसरिया ध्वज के ऐतिहासिक आरोहण के क्षण के साक्षी बनेंगे। पीएम के इस संदेश से भक्तों में उत्साह और अधिक बढ़ गया है।

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