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हल्द्वानी। राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू के नेतृत्व में उत्तराखंड वन विकास निगम से जुड़े कर्मियों ने अपने लंबित वेतनमान के भुगतान की मांग को लेकर महाप्रबंधक, कुमाऊँ मंडल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा।

कर्मियों ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2024 से जून 2025 तक भीषण गर्मी और अग्निकाल के दौरान लगातार जंगलों में रहकर कार्य किया। इस अवधि में तराई केंद्रीय पश्चिमी हल्द्वानी और तराई पूर्वी हल्द्वानी प्रभाग के विभिन्न लॉटों में कर्मकार के रूप में गौल लठ्ठों की नपाई, अभिलेखीकरण तथा लॉटों की दिन-रात देखरेख की गई। अप्रैल, मई और जून की प्रचंड गर्मी व लू के बीच कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बहुमूल्य प्रक्षाष्ठ और जलौनी को आगजनी व चोरी से सुरक्षित रखा।

कर्मियों का कहना है कि इसके बावजूद उन्हें अभी तक केवल मार्च 2025 तक का ही वेतन दिया गया है, जबकि कुछ कर्मियों को फरवरी 2025 तक का ही भुगतान हुआ है।

अप्रैल से जून 2025 तक का वेतन लंबित होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। जब इस संबंध में कार्यालय स्तर और अनुभाग अधिकारी से जानकारी ली गई तो बताया गया कि उच्च स्तर से वित्तीय स्वीकृति प्राप्त नहीं हो पाई है।

ज्ञापन के माध्यम से कर्मियों ने मांग की कि मार्च से जून 2025 तक का समस्त बकाया वेतन तत्काल प्रभाव से जारी कराया जाए, क्योंकि उन्होंने सबसे कठिन परिस्थितियों में भी विभागीय कार्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया है।

कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय प्रशासन की होगी।

इस अवसर पर मुकुल सिंह ऐड़ी, बलदेव सिंह ऐड़ी, सूरन सिंह ऐड़ी, भगवान सिंह मटियाली, सुमित राणा, अजय सिंह राणा, सुनील सिंह राणा, भवान सिंह दावू, दोगन सिंह, सुरज आर्या, गोपी खनवाल, छनन सिंह मटियाली, बब्बल गौतम, भवने बोरा, रघुवर सिंह चिलवाल, चंदन सिंह बिष्ट, मोहन सिंह कोरंगा, देवेंद्र सिंह सम्मल, पुष्पाल सिंह कुल्याल, नीरज सिंह  सहित बड़ी संख्या में वन विकास निगम कर्मी मौजूद रहे।

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