निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता पर उठे सवाल, दोबारा निर्माण, जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग; प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की भी मांग
धारी (नैनीताल)। धारी ब्लॉक की धानाचूली ग्राम सभा में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन आयुर्वेदिक अस्पताल की सुरक्षा दीवार गिरने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने घटना को सरकारी निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही का परिणाम बताते हुए कार्यदायी संस्था, संबंधित अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला है।
मनोज शर्मा ने कहा कि अस्पताल भवन का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ है और दूसरे तल का लिंटर भी नहीं पड़ा है, लेकिन उससे पहले ही सुरक्षा दीवार भरभराकर गिर गई। उनका कहना है कि इससे पूरी निर्माणाधीन इमारत की मजबूती और भविष्य को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हो गई हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये की लागत वाले सरकारी भवन का निर्माण शुरू करने से पहले क्या भू-गर्भीय सर्वेक्षण और अन्य तकनीकी मानकों का पालन किया गया था। यदि सभी प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं तो फिर सुरक्षा दीवार इतनी जल्दी कैसे ढह गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय इंजीनियरों की कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि विभाग में जेई, एई और ईई जैसे कई स्तर के इंजीनियर होने के बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी कार्यालयों में बैठकर केवल कागजी कार्रवाई और कमीशन तक सीमित हैं, जबकि निर्माण कार्य ठेकेदारों के भरोसे छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि गांवों के पारंपरिक राजमिस्त्री भी निर्माण की गुणवत्ता का बेहतर आकलन कर लेते हैं।
मनोज शर्मा ने आरोप लगाया कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र में सड़क, भवन और अन्य विकास कार्यों में व्यापक भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने कहा कि वह लगातार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर विकास कार्यों में पारदर्शिता के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने क्षेत्रीय विधायक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री बनने के बाद जनता की समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है और क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता लगातार सवालों के घेरे में है।
मनोज शर्मा ने मांग की कि निर्माणाधीन अस्पताल भवन की तकनीकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। यदि भवन की नींव और संरचना में खामियां पाई जाती हैं तो पूरे निर्माण को दोबारा कराया जाए। साथ ही, लापरवाही के दोषी अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि सुरक्षा दीवार गिरने से जिन किसानों के खेत और बगीचों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि मामले में लीपापोती की गई तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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