मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, जिला प्रशासन, पुलिस, दानदाताओं और श्रद्धालुओं का जताया आभार, सामूहिक सहयोग से भव्यता के साथ संपन्न हुआ मां नंदा-सुनंदा महोत्सव
सभा पदाधिकारियों ने कहा कि महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में पुलिस विभाग का योगदान सराहनीय रहा।
धार्मिक संस्थाओं, समितियों और दानदाताओं का जताया आभार
श्री राम सेवक सभा ने मां नयना देवी अमर उदय ट्रस्ट, सेवा समिति भवन, गुरुद्वारा समिति, ताल चैनल, ऊषा साह और मारुति साह सहित सभी दानदाताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
इसके साथ ही भंडारे के आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों, कैलेंडर प्रकाशन में सहयोग देने वाले दानदाताओं, होटल एसोसिएशन नैनीताल, चरण पादुका समिति, प्रसाद वितरण समिति, मल्लीताल एवं तल्लीताल व्यापार मंडल और विभिन्न स्मृतियों के सदस्यों के योगदान की सराहना की गई।
सभा ने मंगोली के मेहरा परिवार, अन्य सहयोगी नागरिकों, उद्घोषकों, पंडित भगवती प्रसाद जोशी, यशपाल रावत तथा सांस्कृतिक समिति के मोहित सनवाल और उनकी पूरी टीम के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।
नगर पालिका और विभिन्न विभागों के सहयोग को सराहा
महोत्सव के आयोजन में नगर पालिका नैनीताल के अधिशासी अधिकारी रोहितास शर्मा, सभी सभासदों, डीएसए महासचिव मनोज जोशी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग और जल संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए भी सभा ने आभार जताया।
सभा पदाधिकारियों ने कहा कि महोत्सव के सफल संचालन में नगर के विभिन्न विभागों, सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता महत्वपूर्ण रही। श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने भी आयोजन को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई।
प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी किया धन्यवाद
श्री राम सेवक सभा के मेला प्रवक्ता ने बताया कि महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार और आयोजन से जुड़ी गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग के लिए सभी प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों और पत्रकारों का भी धन्यवाद किया गया।
उन्होंने कहा कि मां नंदा-सुनंदा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। महोत्सव में सभी वर्गों की सहभागिता ने सामुदायिक भावना को मजबूत किया और मानवीय परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
सभा के अध्यक्ष मनोज साह और महासचिव जगदीश बावरी ने कहा कि सभी के सहयोग से महोत्सव ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक सहभागिता की एक अनूठी मिसाल प्रस्तुत की।





































