निकोटीन युक्त पान मसाले को लेकर अफवाहों पर खाद्य विभाग ने दी सफाई, जिले में चार नमूने लिए

– आयुक्त के आदेश को एक साल के लिए बढ़ाया गया

– पान मसाले में निकोटीन की मौजूदगी जांचने के लिए शुरू हुई सैंपलिंग

निकोटीन युक्त पान मसाले पर वर्ष 2012 से प्रतिबंध, 13 अक्टूबर 2026 से आदेश एक साल के लिए नवीनीकृत; अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

हल्द्वानी। बाजार में निकोटीन युक्त तंबाकू और पान मसाले की बिक्री को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने पान मसाले में प्रतिबंधित निकोटीन की मौजूदगी का पता लगाने के लिए जिले में नमूने एकत्र कर जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक जिले से पान मसाले के चार नमूने लिए गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि गुटखा पहले से प्रतिबंधित है। वहीं, निकोटीन युक्त पान मसाले पर भी वर्ष 2012 से प्रतिबंध लागू है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में निकोटीन युक्त पान मसाले की बिक्री से जुड़ा कोई मामला विभाग के संज्ञान में नहीं आया है। हालांकि, एहतियात के तौर पर विभाग ने बाजार में बिक रहे पान मसाले की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी उत्पाद में प्रतिबंधित निकोटीन का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है।

अभय सिंह के अनुसार, खाद्य सुरक्षा आयुक्त की ओर से पूर्व में जारी आदेश को नवीनीकृत करते हुए 13 अक्टूबर 2026 से एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बाजार में पान मसाला और तंबाकू अलग-अलग पाउच में बेचे जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को आदेश को लेकर फैल रही चर्चाओं और अफवाहों के बजाय वास्तविक नियमों की जानकारी लेनी चाहिए।

जिलेभर में लिए जा रहे नमूने

खाद्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि पान मसाला खाद्य पदार्थ की श्रेणी में आता है। इसलिए उसकी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की जांच करना विभाग की जिम्मेदारी है। इसी के तहत जिलेभर में पान मसाले के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। अब तक चार नमूने लेकर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित उत्पादों में प्रतिबंधित निकोटीन की मौजूदगी तो नहीं है।

पान मसाले की कालाबाजारी से जुड़े सवाल पर अभय सिंह ने कहा कि फिलहाल उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा विभाग का प्रमुख कार्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की जांच कराना है। फिलहाल विभाग का ध्यान पान मसाले में निकोटीन की मौजूदगी की जांच पर केंद्रित है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि पान मसाला और तंबाकू की अलग-अलग पाउच में बिक्री को लेकर किसी तरह का भ्रम न पालें और अपुष्ट जानकारी के आधार पर अफवाहें न फैलाएं।

विभाग के अनुसार, प्रतिबंधित निकोटीन की मौजूदगी का पता लगाने के लिए नमूना जांच की कार्रवाई की जा रही है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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