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ब्रह्म मुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की प्राण प्रतिष्ठा, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

नैनीताल। श्रीराम सेवक सभा द्वारा आयोजित 124वें श्री नंदा देवी महोत्सव के तहत अष्टमी के पावन अवसर पर शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा विधिविधान से संपन्न कराई गई।

मां के दर्शनों के लिए तड़के प्रातः करीब 3 बजे से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे। प्राण प्रतिष्ठा और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए मां के दरबार के कपाट दर्शनार्थ खोल दिए गए।

पूजन कार्यक्रम पंडित भगवती प्रसाद जोशी के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस दौरान तन्मय साह, राशि साह, राजेंद्र लाल साह और आभा साह जजमान के रूप में शामिल हुए।

वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मां नंदा-सुनंदा की पूजा-अर्चना की गई। प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर मां के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।

महोत्सव के चलते नैनीताल का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। मंदिर परिसर के साथ ही बाजार में भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही।

लोगों ने मेले में लगी विभिन्न दुकानों से पूजा सामग्री, प्रसाद और अन्य सामान की खरीदारी की। स्थानीय व्यापारियों के लिए भी नंदा महोत्सव का यह आयोजन विशेष महत्व रखता है।

भंडारे में श्रद्धालुओं को कराया भोजन

महोत्सव के दौरान चरण पादुका समिति और भंडारा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं होटल एसोसिएशन की ओर से श्रद्धालुओं को जूस वितरित किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मेले में पहुंचने वाले लोगों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं और स्वास्थ्य संबंधी सहायता प्रदान की।

पंचतत्वों से हुई मां की पांच आरती

भोग पूजन के बाद शाम को मां नंदा-सुनंदा की विशेष पांच आरतियां संपन्न कराई गईं। पंचतत्वों को समर्पित इन आरतियों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पंडित भगवती प्रसाद जोशी ने विधिविधान से पांच आरतियां संपन्न कराईं। आरती के दौरान मंदिर परिसर मां के जयकारों और भजनों से गूंज उठा।

सीधा प्रसारण में मां नंदा की महिमा और पर्यावरण पर चर्चा

नंदा महोत्सव के कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण भी किया गया। इसमें मां नंदा की महिमा, हिमालय, पर्यावरण और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मां नंदा के भजनों की भी प्रस्तुति दी गई।

सीधा प्रसारण कार्यक्रम में एडीएम विवेक राय, मेला अधिकारी एवं एसडीएम नवाजिश खलिक, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एनसी लोहनी, पंडित भगवती प्रसाद जोशी, पंडित नवीन तिवारी, डॉ. नवीन जोशी, एमिटी के प्रोफेसर मारुत साह, कमलेश ढौंडियाल, प्रोफेसर रितेश साह, प्रोफेसर हरीश बिष्ट, हरीश राणा, घनश्याम लाल साह, चक्रधर बहुगुणा, मोनिका, पूजा, दिया, अनुष्का, प्रसिद्ध फोटोग्राफर उदित साह सहित अन्य लोग शामिल हुए। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की भी सहभागिता रही।

कार्यक्रम में सीआरएसटी, लॉन्ग व्यू, जीजीआईसी और बिरला विद्या मंदिर सहित विभिन्न संस्थानों की सहभागिता रही। पुलिस प्रशासन की ओर से भी व्यवस्थाओं में सहयोग दिया गया।

संचालन और आयोजन में जुटी पूरी टीम

कार्यक्रम का संचालन डॉ. कपिल जोशी, प्रोफेसर ललित तिवारी, मीनाक्षी कीर्ति, नवीन पांडे और ईशा साह ने किया। महोत्सव को सफल बनाने में मनोज साह, अशोक साह, जगदीश बावरी, राजेंद्र बिष्ट, बिमल चौधरी, बिमल साह, भुवन सिंह, मोहित लाल साह, एडवोकेट मनोज साह, भीम सिंह कार्की, कैलाश जोशी सहित श्रीराम सेवक सभा और विभिन्न समितियों से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नंदा महोत्सव के चलते सरोवर नगरी में दिनभर धार्मिक उल्लास और आस्था का वातावरण बना रहा। मां नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

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