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हल्द्वानी की गौला नदी तो तमाम सीमाओं को लांघ कर रेलवे स्टेशन तक जा पहुंची है।

यहां पूरा रेलवे स्टेशन पानी में डूब गया है. स्टेशन में पानी भरने से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया है. कई ट्रेन रद्द की गई हैं तो कुछ के रूट में बदलाव किया गया है।

कुमाऊं के इलाके में पिछले 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है. पहाड़ में जहां नदियां उफान पर हैं तो वहीं दूसरी तरफ मैदान में तालाब बन गए हैं।

हल्द्वानी से लगे लालकुआं रेलवे स्टेशन में तो इतना पानी भर गया कि यहां ट्रेनों का संचालन ही रोकना पड़ा है।

हल्द्वानी रेलवे स्टेशन की तरफ भी गौला नदी लगातार कटान कर रही है. जिससे स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर दो खतरे की जद में आ गया है।

काठगोदाम, हल्द्वानी और लालकुआं से चलने वाली ट्रेनों को पंतनगर स्टेशन से चलने का फैसला लिया गया है. लालकुआं होते हुए हल्द्वानी और काठगोदाम पहुंचने वाली ट्रेनों को पंतनगर और रुद्रपुर स्टेशनों पर रोका जा रहा है।

लालकुआं स्टेशन के चार प्लेटफार्म बरसात के पानी से लबालब हो चुका है. जिसके कारण यहां ट्रेनों का संचालन बंद हो चुका है।

हल्द्वानी स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक चयन राय के मुताबिक, काठगोदाम से चलने वाली और दिल्ली से वापस आने वाली संपर्क क्रांति को सोमवार को निरस्त कर दिया गया।

नई दिल्ली से काठगोदाम आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को भी रूद्रपुर स्टेशन पर रोका गया है. साथी हावड़ा से आने वाली बाघ एक्सप्रेस को रुद्रपुर सिटी स्टेशन पर ही रोका गया है. रेलवे और आपदा प्रबंधन के अधिकारी हालात पर निगाह बनाए हुए हैं।

कुछ जेसीबी मशीनों को गौला नदी में उतारा गया है. ताकि वह नदी के कटाव को रोक सकें.‌ लेकिन गौला का बहाव इतना तेज है कि कुछ भी करना संभव नहीं है. हल्द्वानी के सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई के मुताबिक, पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश के कारण गौला का जलस्तर बढ़ रहा है. और अगर बारिश ऐसी ही होती रही तो हालत बाद से बदतर हो सकते हैं।

पहाड़ों पर भूस्खलन से जनजीवन खतरे में
उत्तराखंड में लगातार बारिश से जनजीवन खतरे में पड़ गया है. ऊंचाई वाले इलाकों में हो रहे भूस्खलन से कई मकान तबाह हो गए हैं. कुछ लोग भी इनकी चपेट में आ चुके हैं. चकराता-कालसी मोटर मार्ग पर जगह-जगह से तबाही और भूसखलन की तस्वीरे सामने आ रही हैं।

कालसी-चकराता मोटर मार्ग मशहूर पर्यटक स्थल चकराता सहित जौनसार बाबर के तकरीबन 400 से अधिक गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ता है. इसे जौनसार बाबर की लाइफ लाइन भी कहा जाता है. बारिश होते ही जगह-जगह भूसखलन होने से ये रास्ता बंद हो जाता है. लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीनें यहां चौबीस घंटे तैनात रहती हैं।

हल्द्वानी रोड पर बेलगढ़ में बरसाती नाला उफान पर था. जब पानी कुछ कम हुआ तो वहां से ट्रैफिक निकलने लगा. इसके बाद दो बाइक सवार बाइक समेत इस नाले में गिर पड़े. यह दोनों अलग-अलग बाइकों पर सवार थे. वहां मौजूद लोगों ने बड़ी मुश्किल से इन लोगों को सैलाब से बचाया।

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