हरिद्वार जनपद के लक्सर क्षेत्र में कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी पर पुलिस अभिरक्षा में हुए कथित हमले और उसके बाद अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

इस घटना के बाद विनय त्यागी के परिजनों के निशाने पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े ठेकेदार सुभाष त्यागी आ गए हैं।

परिजनों का आरोप है कि सुभाष त्यागी, जो एनएचएआई के बड़े ठेकेदार माने जाते हैं, इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में है.

आरोपों के मुताबिक, अगस्त 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और इनकम टैक्स की संभावित कार्रवाई के डर से सुभाष त्यागी ने करीब 400 करोड़ रुपये की नकदी और लगभग 1000 करोड़ रुपये की संपत्तियों के दस्तावेज देहरादून भिजवाए थे।

यह सारा माल देहरादून में डॉक्टर प्रमोद त्यागी की कोठी में खड़ी एक गाड़ी में रखा गया. बताया जाता है कि डॉक्टर प्रमोद त्यागी देहरादून की राजनीति और त्यागी बिरादरी में प्रभावशाली नाम हैं और सुभाष त्यागी के कारोबारी साझेदार भी रहे हैं।

शराब पार्टी में मौजूद था विनय त्यागी

सितंबर के पहले हफ्ते में डॉक्टर प्रमोद त्यागी के आवास पर हुई एक शराब पार्टी में कथित तौर पर गैंगस्टर विनय त्यागी भी मौजूद था. आरोप है कि नशे की हालत में विनय त्यागी को गाड़ी और उसमें रखे बैग्स का पूरा राज़ बता दिया गया।

इसके अगले दिन विनय त्यागी और उसका ड्राइवर कोठी पहुंचे और वहां खड़ी गाड़ी के शीशे तोड़कर अंदर रखे सभी बैग्स लेकर फरार हो गए. यह घटना 8 या 9 सितंबर की बताई जाती है।

15 सितंबर को दर्ज कराया चोरी का मुकदमा

इसके बाद सबसे बड़ी समस्या यह बनी कि पुलिस को यह कैसे बताया जाए कि इतना बड़ा माल वहां कैसे और किसका था. कई दिनों की बैठकों और कथित राजनीतिक संपर्कों के बाद 15 सितंबर को देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में मामूली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया।

मामले की जांच उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून एसओजी ने शुरू की.26-27 सितंबर की रात गाजियाबाद से विनय त्यागी और उसकी पत्नी को हिरासत में लिया गया।

करोड़ों का सोना अब भी गायब

विनय त्यागी की निशानदेही पर मुरादनगर और दिल्ली से दो बैग्स बरामद किए गए, जिनमें सोना, नकदी और प्रॉपर्टी के दस्तावेज बताए गए. हालांकि आरोप हैं कि यह बरामदगी चोरी गए माल का बेहद छोटा हिस्सा थी, जबकि करोड़ों रुपये का सोना अब भी गायब बताया जा रहा है।

इसके बाद उत्तराखंड एसटीएफ जांच से हट गई और देहरादून एसओजी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छापेमारी शुरू की. इस पूरे मामले में विनय त्यागी और उसके साथियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत कई मुकदमे भी दर्ज किए गए।

साजिश के तहत कराई गयी हत्या

परिजनों का कहना है कि सुभाष त्यागी की सबसे बड़ी चिंता यह थी कि हजार करोड़ रुपये की संपत्तियों के दस्तावेजों की फोटो कॉपी विनय त्यागी के पास हो सकती है, जिनका इस्तेमाल भविष्य में ईडी या इनकम टैक्स के सामने किया जा सकता था।

इसी कारण, विनय त्यागी के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि अपनी कथित काली संपत्ति को सुरक्षित रखने और उसके खुलासे के डर से सुभाष त्यागी ने एक साजिश रची, जिसके तहत विनय त्यागी पर पुलिस अभिरक्षा में हमला कराया गया और अंततः उसकी जान चली गई।

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