ब्लॉक सभागार भीमताल में ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में जनहित, स्वास्थ्य, पेयजल व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में ब्लॉक प्रमुख ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जलजनित रोगों से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की तत्काल जांच कराने और पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। ब्लॉक प्रमुख ने पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी हुई है, वहां आवश्यकता के अनुसार बोरिंग और टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जलजनित बीमारियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि ग्रामीणों को दूषित पानी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
सभी ग्राम पंचायतों में खरीदी जाएंगी आपदा किट
आपातकालीन परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से भीमताल ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों में स्थानीय स्तर पर आपदा किट खरीदने का निर्णय लिया गया। इन किटों के माध्यम से आपदा या किसी अन्य आपात स्थिति में जरूरतमंदों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा के दौरान समय पर सहायता पहुंचाना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक प्राथमिक उपचार सामग्री उपलब्ध होने से शुरुआती राहत कार्यों को तेजी से संचालित किया जा सकेगा। उन्होंने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने पर जोर दिया।
टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतें सम्मानित
बैठक के दौरान टीबी उन्मूलन की दिशा में सराहनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया गया। इस पहल का उद्देश्य पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और टीबी उन्मूलन अभियान को अधिक प्रभावी बनाना है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पात्र लोगों तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्रतिष्ठानों पर होगी कार्रवाई
पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर भी बैठक में सख्त रुख अपनाया गया। ब्लॉक प्रमुख ने संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। व्यावसायिक गतिविधियों के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध नियमों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने उठाईं आपदा राहत, बिजली और पेंशन की समस्याएं
बैठक के दौरान आयोजित जनसंवाद में स्थानीय ग्रामीणों ने आपदा राहत, विद्युत आपूर्ति और पेंशन से संबंधित समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। इस पर ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विभागीय समीक्षा बैठकों का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना भी है। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और लंबित समस्याओं के निस्तारण में तेजी लाने को कहा गया।
बैठक में ज्येष्ठ प्रमुख उमेश पलड़िया, ग्राम प्रधान लक्ष्मण गंगोला, राधा कुल्याल, प्रदीप कुमार, जितेंद्र चनौतिया, अजय जंतवाल, मोहित आर्य, बालम जीना, चंदन जीना, धर्मेंद्र शर्मा, प्रेम मेहरा, महेश भंडारी, नवीन क्वीरा, अजय कुमार, कृष्ण दुर्गा दत्त, अधिशासी अभियंता सुभाष भट्ट, खंड शिक्षा अधिकारी केना चौहान, डॉ. हेमंत मर्तोलिया, बीडीओ हर्षित गर्ग और प्रदूषण विभाग से शुभम गुसाईं सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य लोग उपस्थित रहे।

