‘शेपिंग द फ्यूचर’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को करियर निर्माण, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों की दी गई जानकारी, 120 विद्यार्थियों ने किया प्रतिभाग
नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में पीएम-उषा मेरु (PM-USHA MERU) के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम ‘शेपिंग द फ्यूचर’ का समापन हो गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बाद उपलब्ध करियर विकल्पों, रोजगार की संभावनाओं, उद्यमिता और व्यावसायिक कौशलों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ ही उन्हें अपनी रुचि, योग्यता और क्षमताओं के अनुरूप करियर चुनने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रथम तकनीकी सत्र का संचालन डॉ. गिरीश सी. खरवाल ने किया। उन्होंने शैफलर इंडिया लिमिटेड के रीजनल इंडस्ट्रियल बिजनेस प्रमुख संदीप जोनाथन सिंह का परिचय कराया। इस दौरान श्री सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने भविष्य की जिम्मेदारी स्वयं उठानी चाहिए और अपनी क्षमताओं को पहचानते हुए लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए संवाद कौशल, प्रतिबद्धता, निरंतर मेहनत और कार्यक्षमता बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में नौकरी प्राप्त करने के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना आवश्यक है।
दूसरे तकनीकी सत्र में डॉ. राशि ने DAWG एनर्जी के सह-संस्थापक रोहन पाठक का परिचय कराया। श्री पाठक ने विद्यार्थियों के साथ अपने उद्यमिता के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बेहद कम पूंजी से अपने व्यवसाय की शुरुआत की और निरंतर प्रयासों के बल पर आज एक सफल कंपनी स्थापित की है। उन्होंने व्यवसाय शुरू करने के दौरान सामने आई चुनौतियों, अपनी गलतियों और सफलता के अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले बाजार की मांग, उपभोक्ताओं की जरूरतों और उपलब्ध अवसरों को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ ही रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में भी सोचने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद आयोजित समापन समारोह का संचालन शिक्षा संकाय के डीन प्रो. ललित मोहन तिवारी ने किया। समारोह का शुभारंभ कुलपति प्रो. सतपाल सिंह, डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. संजय पंत, प्रो. महेश जोशी, रोहन पाठक एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रो. गीता तिवारी ने अतिथियों, वक्ताओं और शिक्षकों का स्वागत किया। वहीं, डॉ. गिबू साबू ने दो दिवसीय कार्यशाला की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों, गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी।
इस अवसर पर दो विद्यार्थियों ने कार्यशाला में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम उनके लिए बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहा। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उन्हें अपने करियर को लेकर नई जानकारियां मिलीं और भविष्य की तैयारी के लिए एक बेहतर दिशा प्राप्त हुई। परिसर निदेशक प्रो. संजय पंत ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दुनिया की आवश्यकताओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

