ब्रेकिंग न्यूज़
देवीधुरा की ऐतिहासिक बग्वाल में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, मां वाराही देवी से प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामनाप्रो. वाई. पी. एस. पांगती की स्मृति में आठवां स्मृति व्याख्यान आयोजित, ‘बॉटनी एंड द बिगिनर’ विषय पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचारनैनीताल में तेल चोरों का आतंक: खड़ी मोटरसाइकिल से फिर चोरी हुआ पेट्रोल, CCTV में बाइक सवार दो संदिग्ध कैदमुख्यमंत्री धामी का शनिवार को नैनीताल दौरा, गौलापार में खेल विश्वविद्यालय का करेंगे भूमि-पूजन; उद्योग जगत से भी करेंगे संवादनैनीताल : भूमियाधार में सड़क की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, धरने पर बैठे ग्रामीण; बोले- ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’, 2027 चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

उत्तराखंड में बेरोजगारी का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने की होड़ बढ़ गई है. इस समस्या का ताजा उदाहरण होमगार्ड विभाग में 12वीं पास युवाओं के लिए निकाली गई हवलदार प्रशिक्षक भर्ती है।
हालांकि, 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए आयोजित इस भर्ती में एमकॉम, एमटेक, बीएससी और एमएससी जैसी उच्च डिग्रीधारी युवाओं ने भी भारी संख्या में आवेदन किए हैं।

होमगार्ड विभाग में केवल 24 पदों के लिए भर्ती की जा रही है, जिनमें 17 पद पुरुषों और 7 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. राज्यभर से 21 हजार युवाओं ने इन पदों के लिए आवेदन किया है।

इनमें से गढ़वाल मंडल से 12 हजार और कुमाऊं मंडल से करीब 8.5 हजार अभ्यर्थी शामिल हैं. यह स्थिति राज्य में बेरोजगारी की गंभीरता को दर्शाती है, जहां उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी युवा नौकरी पाने के लिए किसी भी विभाग में आवेदन करने को विवश हैं.

बढ़ती प्रतिस्पर्धा और युवाओं का संघर्ष
प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं के लिए स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि किसी भी स्तर की नौकरी के लिए हजारों उम्मीदवार आवेदन कर रहे हैं. इस मामले में हल्द्वानी के एक एमएससी (गणित) डिग्रीधारी युवा का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन भर्तियों के अभाव और समय निकलने के कारण अब होमगार्ड विभाग में हवलदार प्रशिक्षक पद के लिए आवेदन करना पड़ा. इसी प्रकार के अन्य उम्मीदवार भी अपनी शैक्षणिक योग्यता को दरकिनार कर किसी भी सरकारी पद पर नौकरी पाने की उम्मीद से इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो रहे है।

हवलदार प्रशिक्षक पद के लिए कुमाऊं मंडल की शारीरिक दक्षता परीक्षा रुद्रपुर स्थित 46वीं वाहिनी पीएसी में आयोजित की जा रही है. यहां पर रोजाना 500 उम्मीदवार अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं. बालिकाओं को तीन किलोमीटर की दौड़ 15 मिनट में और बालकों को 14 मिनट में पूरी करनी होती है. साथ ही ऊंचाई की न्यूनतम माप 165 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है, जबकि लंबी कूद के लिए बालिकाओं को 12 फीट और बालकों को 14 फीट की दूरी तय करनी है।

UKSSSC को लिखित परीक्षा की जिम्मेदारी
होमगार्ड विभाग की भर्ती प्रक्रिया की लिखित परीक्षा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा कराई जाएगी. अभी तक लिखित परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गई है, लेकिन यह संभावना है कि अगले दो से तीन महीनों में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. चयन प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों में गहरी उम्मीद है, क्योंकि बेरोजगारी की स्थिति से निपटने के लिए उन्हें एक स्थिर नौकरी की आवश्यकता है।

प्रदेश में बेरोजगारी की इस स्थिति के कारण कई युवा अब सरकारी नौकरी पाने की आखिरी उम्मीद के रूप में होमगार्ड जैसे पदों की ओर देख रहे हैं. होमगार्ड विभाग में भर्ती के लिए 18 से 35 वर्ष की आयु सीमा रखी गई है. इसलिए, जो युवा अन्य विभागों की भर्तियों में चयनित नहीं हो पाए हैं, वे यहां अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

होमगार्ड विभाग के कुमाऊं कमांडर, ललित मोहन जोशी के अनुसार, इस बार शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले अधिकतर उम्मीदवार डिग्रीधारी हैं. यह दर्शाता है कि बेरोजगारी की समस्या ने किस हद तक युवाओं को प्रभावित किया है. उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के आधार पर ही चयन किया जाएगा, ताकि योग्य और सक्षम उम्मीदवारों को रोजगार मिल सके।

यह भी पढ़ें :  नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से तबाही, 359 लोगों की मौत; 288 भारतीय लापता, महाराजगंज-कुशीनगर में हाई अलर्ट

You missed

error: Content is protected !!