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नैनीताल की खूबसूरत वादियों में बसी प्रसिद्ध नैनी झील एक बार फिर चर्चा में है। झील की सुरक्षा दीवारों के कमजोर होने से आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है।

हाल ही में लोअर माल रोड का हिस्सा धंसने की घटना ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी थी।

अब सिंचाई विभाग ने झील को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। अधिशासी अभियंता डीके सिंह के अनुसार, जांच में सामने आया कि झील किनारे की रिटेनिंग वॉल पानी के दबाव से कमजोर हो चुकी है। लंबे समय से स्थानीय लोगों और व्यापारियों द्वारा इसकी मरम्मत की मांग की जा रही थी।

इस समस्या के समाधान के लिए 38 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना तैयार की गई है, जिसके तहत लगभग 2400 मीटर लंबाई में झील की सुरक्षा दीवारों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। परियोजना में पत्थर की मजबूत चिनाई, दीवारों की मजबूती और दरारों की भराई जैसे कार्य शामिल होंगे।

विशेष बात यह है कि यह कार्य वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। हर स्थान की मिट्टी, ढलान और जल दबाव को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही झील के ड्रेनेज सिस्टम को भी बेहतर बनाया जाएगा ताकि जल निकासी सुचारू रूप से हो सके।

यह विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और बजट मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि दो वर्षों के भीतर झील की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

वहीं हल्द्वानी में भी बड़े विकास कार्य की तैयारी है। यहां 336 करोड़ रुपये की लागत से बहुउद्देश्यीय नमो भवन का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड शहरी विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब शासन से वित्तीय स्वीकृति का इंतजार है।

परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह के अनुसार, मंजूरी मिलते ही एक महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह परियोजना एडीबी की मदद से शहर के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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