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देशभर में सक्रिय एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा होने के बाद लगातार चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान में बैठे संचालक भारत में अपने गुर्गों के जरिए सनातन वेशभूषा की आड़ में जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।

मामले में सरफराज उर्फ जोरा सिंह, शहजाद उर्फ भट्टी और अब वकार उर्फ विक्की जाट जैसे नाम सामने आए हैं, जो अलग-अलग तरीके से नेटवर्क संचालित कर रहे थे। आरोप है कि पहचान छुपाने के लिए इन लोगों ने हिंदू नाम और पहनावा अपनाया हुआ था।

जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य सुहेल उर्फ रोमियो, नौशाद उर्फ लालू, समीर उर्फ शूटर और ईरम उर्फ महक जैसे नामों से काम कर रहे थे। ये लोग कलावा, रुद्राक्ष और टीका लगाकर आम लोगों में घुलमिल जाते थे, ताकि शक न हो।

अब तक पुलिस 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें कई युवक और छह नाबालिग भी शामिल हैं। एजेंसियां इस पूरे मामले में “लव जिहाद” के एंगल से भी जांच कर रही हैं।

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में रेकी करने वाले थे, लेकिन निजी कारणों से एक योजना टल गई। वहीं, हरिद्वार, ऋषिकेश, खाटू श्याम मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर जाकर भी इन लोगों ने रेकी की।

चौंकाने वाली बात यह है कि अप्रैल 2024 में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर हुई फायरिंग से पहले उनके घर की रेकी भी इसी नेटवर्क के कुछ सदस्यों ने की थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान समेत कई देशों में बैठे संचालक वीओआईपी तकनीक के जरिए भारतीय सिम का इस्तेमाल कर संपर्क में रहते थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही  है।

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