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उत्तराखंड ग्रामीण बैंक घोटाला में पूर्व मैनेजर समेत 12 दोषियों को सजा 

देहरादून। सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की बाजपुर शाखा में हुए करोड़ों रुपये के ऋण घोटाले में बड़ा फैसला सुनाते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत 12 आरोपियों को दोषी ठहराया है।

अदालत ने शाखा प्रबंधक राम अवतार सिंह दिनकर को चार साल की कठोर कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि अन्य 11 दोषियों को एक-एक वर्ष का कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

मामला 19 जून 2018 को बैंक के प्रधान कार्यालय के महाप्रबंधक सत्यपाल सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ था। जांच में सामने आया कि वर्ष 2014-15 के दौरान शाखा प्रबंधक दिनकर ने एक निजी ट्रैक्टर डीलर मैसर्स केजीएन ट्रैक्टर्स के साथ मिलकर फर्जी ऋण स्वीकृत किए। बिना वास्तविक कृषि मशीनरी खरीदे ही केसीसी और कृषि सावधि ऋण जारी कर दिए गए, जिससे बैंक को करीब 3.39 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

सीबीआई ने इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मृत्यु हो गई, जबकि तीन ने पहले ही अपना जुर्म कबूल कर लिया था। शेष 12 आरोपियों को अदालत ने दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त एक से दो माह की कैद भुगतनी होगी।

सीबीआई ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना एसीबी देहरादून के मोबाइल नंबर 9410549158 और 7060366445 पर दी जा सकती है।

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