देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवा बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बिहार के नालंदा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच में गिरोह के देशभर में फैले नेटवर्क के अहम सुराग मिले हैं और लाखों रुपये की साइबर ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए गठित ‘चारधाम यात्रा एंटी हेली फ्राड सेल’ लगातार सोशल मीडिया, संदिग्ध वेबसाइटों और डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी कर रही है। इसी दौरान पता चला कि एक साइबर गिरोह फर्जी फेसबुक पेज, व्हाट्सएप नंबर और बैंक खातों के माध्यम से हेली सेवा बुकिंग का झांसा देकर श्रद्धालुओं को ठग रहा है।
मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में एसआई राजीव सेमवाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग लेनदेन और मोबाइल डाटा के आधार पर एसटीएफ टीम ने बिहार में अभियान चलाया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक कुमार निवासी शेरपुर, बिहार शरीफ (नालंदा) तथा विजित कुमार उर्फ मिकी निवासी शेखपुरा, बिहार के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने हेली सेवा टिकट बुकिंग के नाम पर फर्जी टिकट जारी कर लोगों से धनराशि ठगी थी। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में बढ़ोतरी की गई है।
एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से पांच बैंक पासबुक, एक चेकबुक, दो मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, दो सिम संबंधी दस्तावेज, एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
एसटीएफ का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की और पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की संभावना है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से हेली सेवा बुकिंग केवल अधिकृत पोर्टल और सरकारी माध्यमों से ही कराने की अपील की

