हल्द्वानी। अधिवक्ता परिषद देवभूमि (उत्तराखण्ड) के प्रथम प्रांत अधिवेशन का भव्य शुभारंभ शनिवार को एफ.टी.आई. परिसर, हल्द्वानी में हुआ।
“सुलभ न्याय, समाज की सुरक्षा, उत्तराखण्ड की विधिक चुनौतियाँ एवं अधिवक्ता के दायित्व” विषय पर आयोजित अधिवेशन का उद्घाटन भारत सरकार के केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि त्वरित एवं सुलभ न्याय सुशासन का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाएंगे। उन्होंने ई-कोर्ट, ई-एफआईआर, टेली-लॉ और डिजिटल न्याय प्रणाली को आम जनता के लिए लाभकारी बताते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर बल दिया।
उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री श्रीहरि बोरेकर ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों में अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिवक्ताओं से विधिक जागरूकता बढ़ाने और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
क्षेत्रीय संयोजक विपिन त्यागी ने अधिवेशन को संगठन के इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह आयोजन अधिवक्ता परिषद को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा। कार्यक्रम में नैनीताल सांसद अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्षा जानकी सूर्या, प्रदेश महामंत्री अनुज शर्मा, आयोजन समिति अध्यक्ष पीयूष तिवारी सहित प्रदेशभर से आए सैकड़ों अधिवक्ता, पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अधिवेशन के आगामी सत्रों में उत्तराखण्ड की विधिक चुनौतियों, न्यायिक सुधार, संगठनात्मक विषयों तथा राष्ट्र निर्माण में अधिवक्ताओं की भूमिका पर विस्तृत मंथन किया जाएगा।


