नैनीताल। उत्तराखंड की संस्कृति, विरासत और परंपराओं के अद्भुत समागम श्री नन्द देवी महोत्सव-2026 के सफल आयोजन को लेकर श्री राम सेवक सभा की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक सभा भवन में आयोजित हुई। बैठक में पंचांग एवं आचार्यों की सलाह के आधार पर महोत्सव की तिथियां तय की गईं।

निर्णय के अनुसार 16 सितंबर 2026 (पंचमी) को महोत्सव का शुभारंभ होगा। 19 सितंबर (भाद्रपद अष्टमी) को ब्रह्ममुहूर्त में मां नन्दा-सुनन्दा की मूर्ति स्थापना की जाएगी, जबकि 23 सितंबर को पारंपरिक डोला नगर भ्रमण आयोजित होगा। इसके अतिरिक्त कन्या पूजन, विश्वशांति हेतु हवन एवं महाभंडारे सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित तिथियों के अनुसार संपन्न होंगे।

महोत्सव के सफल संचालन के लिए 23 उपसमितियों का गठन किया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि आयोजन की भव्यता और सुव्यवस्थित संचालन के लिए सरकार, शासन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगरपालिका तथा डीएसए का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही शहर के भक्तों, गणमान्य नागरिकों एवं महिलाओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर उनके सहयोग और सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे।

बैठक में यह भी तय किया गया कि श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा।

सभा पदाधिकारियों ने कहा कि श्री नन्द देवी महोत्सव उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और आस्था का प्रतीक लोकोत्सव है, जिसमें सभी नगरवासियों की सहभागिता अपेक्षित है।

बैठक में बताया गया कि नैनीताल में श्री नन्द देवी महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1903 में स्वर्गीय मोती राम साह द्वारा की गई थी, जबकि 1926 से श्री राम सेवक सभा इस ऐतिहासिक महोत्सव का आयोजन कर संस्कृति संरक्षण का दायित्व निभा रही है।

बैठक की अध्यक्षता मनोज साह ने की तथा संचालन जगदीश बावरी ने किया। बैठक में घनश्याम लाल साह, अशोक साह, राजेंद्र बिष्ट, विमल चौधरी, बिमल साह, राजेंद्र लाल साह, दीपक साह, राजेंद्र बजेठा, देवेंद्र लाल साह, भीम सिंह कार्की, कैलाश बोरा, भुवन बिष्ट, गिरीश भट्ट सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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