उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। पर्वतीय इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक घने बादलों ने डेरा डाल रखा है और कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार 30 अगस्त के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, नैनीताल, चम्पावत, उधम सिंह नगर और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के सभी 13 जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश का यह दौर केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। 30 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि का खतरा बना हुआ है।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर आने लगे हैं, जबकि संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर मलबा और भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने स्थानीय निवासियों के साथ ही चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और गदेरे के किनारे न जाएं। पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा पर निकलने से पहले सड़क व मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। आकाशीय बिजली की चेतावनी को देखते हुए खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है।

चमोली और गोपेश्वर में आफत की बारिश, सड़कें बनीं दरिया

सीमांत जनपद चमोली में बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय गोपेश्वर में शनिवार दोपहर बाद अचानक शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने कुछ ही देर में हालात बदल दिए। तेज बारिश के कारण नगर की मुख्य सड़कों पर पानी बहने लगा और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।

महज कुछ मिनटों की मूसलाधार बारिश के बाद सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा हो गया। बारिश का गंदा पानी कई दुकानों और आवासीय परिसरों में घुसने की सूचना है, जिससे स्थानीय लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। कुछ स्थानों पर नालियों और नालों का पानी उफान पर आने के कारण लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया।

जलभराव के चलते गोपेश्वर में वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। कई स्थानों पर राहगीरों को पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

लगातार बारिश के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग समेत जिले के अन्य संवेदनशील मार्गों पर भी मलबा आने और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने की आवश्यकता है, क्योंकि आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए प्रशासन ने भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रात के समय अत्यधिक बारिश के दौरान सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचना देने को कहा गया है।

फिलहाल उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। आने वाले तीन से चार दिन प्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। भारी बारिश की आशंका के बीच पर्वतीय जिलों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की चुनौती बनी रह सकती है।

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