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नैनीताल में भारी बरसात होने से कृष्णापुर में मकान आया भूस्खलन की जद 

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला 

नैनीताल। नैनीताल जिले में मानसून की बारिश लगातार आफत बनती जा रही है। मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, भू-कटाव और सड़कें बंद होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

नैनीताल के तल्लीताल स्थित मल्ला कृष्णापुर क्षेत्र में भूस्खलन के चलते एक मकान की नींव बुरी तरह प्रभावित हो गई है। मकान के नीचे की जमीन लगातार कट रही है और बुनियाद के खोखली होने से घर पर कभी भी गिरने का खतरा मंडरा रहा है।

खतरे की जद में आए मकान में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मल्ला कृष्णापुर में घर के नीचे खिसकी जमीन, पुराने पेड़ और बिजली का खंभा भी भूस्खलन की भेंट

तल्लीताल के मल्ला कृष्णापुर क्षेत्र में दर्जनों मकान बसे हुए हैं। यहां स्व. गरुड़ध्वज जोशी की बेटी दीपा लोहानी का मकान सबसे नीचे की ओर स्थित है। परिवार की सदस्य डॉ. कौमुदी जोशी ने बताया कि मकान के नीचे पहले सीढ़ीनुमा खेत हुआ करते थे, लेकिन मंगलवार को हुई भारी बारिश के दौरान यहां जबरदस्त भूस्खलन हुआ।

भूस्खलन की चपेट में मकान के नीचे की जमीन के साथ करीब 50 वर्ष पुराना बांज का पेड़, माल्टा के पेड़ और बिजली का पुराना खंभा भी आ गया। लगातार पानी के तेज बहाव से जमीन कटती जा रही है और मकान की नींव के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है।

डॉ. कौमुदी जोशी के अनुसार, मंगलवार को उनके घरों में नए बिजली के खंभे से आपूर्ति नहीं हो रही थी। बाद में खंभे में स्पार्क होने के बाद अचानक बिजली आ गई। इसके बाद परिवार ने जिला आपदा प्रबंधन को फोन कर भूस्खलन की सूचना दी। सूचना के बाद तहसीलदार से भी उनकी बातचीत हुई और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने लगी।

उन्होंने बताया कि मकान में पहले से मौजूद पुरानी दरारों को भी एक दिन पहले ही भरा गया था, लेकिन बारिश के बाद नीचे की जमीन खिसकने से खतरा और बढ़ गया है।

मकान में रह रहे कई लोगों की सुरक्षा पर संकट

भूस्खलन से दीपा लोहानी के मकान के अलावा आसपास के कई अन्य घर भी खतरे की जद में आ गए हैं। मकान में किराएदार अधिवक्ता गजेंद्र सिंह बर्गली, चालक चंदन सिंह, छात्र प्रह्लाद कुमार, कॉलेज छात्रा अर्पिता और दो अन्य छात्राएं रह रही हैं।

बारिश के दौरान पानी की तेज रफ्तार से मकान के नीचे की मिट्टी और जमीन लगातार कट रही है। इससे धीरे-धीरे मकान की बुनियाद कमजोर होती जा रही है। खाई के ऊपर खड़ा यह मकान अब गंभीर खतरे की स्थिति में पहुंच गया है।

प्रशासन की टीम ने मौके का निरीक्षण कर मकान में रह रहे लोगों को अपनी सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने की सलाह दी है। वहीं प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से केवल विस्थापन के बजाय मकान को बचाने के लिए भी ठोस सुरक्षा एवं भू-कटाव रोकने के इंतजाम करने की मांग की है।

नैनीताल जिले में 53 सड़कें बंद, कुमाऊं में 88 से ज्यादा मार्ग प्रभावित

लगातार बारिश का सबसे व्यापक असर जिले की सड़कों पर भी दिखाई दे रहा है। मानसूनी बारिश और भूस्खलन के चलते नैनीताल जिले में करीब 53 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि पूरे कुमाऊं मंडल में 88 से अधिक सड़कें प्रभावित बताई जा रही हैं।

राज्य मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों पर भी बारिश का खासा असर पड़ा है। कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात बाधित हुआ है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें बंद सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी राहत एवं बचाव टीमों को तैनात किया गया है।

24 घंटे में नैनीताल में 89 एमएम बारिश

पिछले 24 घंटों में नैनीताल में करीब 89 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और भू-कटाव का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई जगह मकान, गौशालाएं और अन्य संरचनाएं भी बारिश की चपेट में आ चुकी हैं।

आने वाले 24 घंटे भी चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि बारिश का दौर जारी है। ऐसे में संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

प्रशासन की तैयारियों की परीक्षा, लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन की ओर से पिछले कई महीनों से मानसून और संभावित आपदा से निपटने की तैयारियों के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन बारिश के दौरान जमीनी हालात प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभर रहे हैं। सड़कें बंद होने, भूस्खलन और मकानों पर मंडराते खतरे के बीच प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और सुरक्षा की जरूरत है।

फिलहाल प्रशासन ने आपदा प्रभावित इलाकों में टीमें लगाई हैं और बंद मार्गों को खोलने का काम जारी है। वहीं लगातार बारिश को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाने और अपने आसपास की स्थिति पर नजर रखने की अपील की जा रही है।

बारिश के इस दौर में सबसे पहले अपनी सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। यदि घर के आसपास जमीन में दरार, पेड़ों का झुकना, दीवारों में नई दरार या जमीन खिसकने के संकेत दिखाई दें तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं और प्रशासन को सूचना दें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

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