नैनी झील में बढ़ा पानी, 88.5 फीट पहुंचा जलस्तर; खतरे से पहले खुले दोनों गेट, प्रशासन अलर्ट
नैनीताल में लगातार बारिश होने से नैनी झील का जलस्तर बड़ा, प्रशासन की निगरानी में झील के दोनों गेट पानी निकासी के लिए खोले
रिपोर्टर : गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जबकि नदी-नाले उफान पर हैं। लगातार बारिश के चलते लोगों में रात के समय भूस्खलन और जलभराव को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है।
बारिश का असर अब नैनीताल की प्रसिद्ध नैनी झील पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही बारिश और आसपास के नालों से तेज गति से आ रहे पानी के कारण झील का जलस्तर बढ़कर 88.5 फीट तक पहुंच गया है। झील पानी से पूरी तरह लबालब हो चुकी है और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खतरे की आशंका भी बढ़ने लगी है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। झील में लगातार बढ़ रहे पानी के दबाव को कम करने के लिए नैनी झील के दोनों गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी गई है। नालों से अभी भी तेज रफ्तार में पानी झील में पहुंच रहा है, जिसके कारण जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन का प्रयास है कि झील का जलस्तर नियंत्रित रखा जाए और वर्ष 2016 जैसी स्थिति दोबारा पैदा न हो। भारी बारिश के दौरान झील का जलस्तर बढ़ने से नैनीताल के निचले इलाकों में खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में समय रहते झील से पानी की निकासी शुरू करना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में भारी बारिश के दौरान नैनी झील के गेट समय पर नहीं खुल सके थे, जिसके बाद नैनीताल में आपदा जैसे हालात पैदा हो गए थे। झील का पानी बढ़ने के कारण मॉल रोड समेत आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी थी और तल्लीताल क्षेत्र में भी खतरा बढ़ गया था।
इसी अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन झील के जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है। झील से पानी की निकासी जारी है, ताकि लगातार हो रही बारिश के बीच जलस्तर को नियंत्रित रखा जा सके और निचले इलाकों में किसी भी तरह का खतरा उत्पन्न न हो।
फिलहाल मानसूनी बारिश का दौर जारी है और नैनीताल के आसपास के नाले अब भी उफान पर हैं। तेज बारिश के बीच झील में लगातार पानी पहुंच रहा है। ऐसे में आने वाले घंटों में झील के जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है या पानी की निकासी से स्थिति नियंत्रित रहती है, इस पर प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों की भी नजर बनी हुई है।
भारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान को देखते हुए लोगों से भी सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की जा रही है।










