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पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण की 16 सदस्यीय समिति में उत्तराखंड को पहली बार मिला प्रतिनिधित्व

गौलापार के किसान नरेंद्र सिंह मेहरा को केंद्र सरकार ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, राष्ट्रीय पुरस्कार चयन समिति में हुए नामित

हल्द्वानी। गौलापार निवासी प्रगतिशील किसान नरेंद्र सिंह मेहरा को कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPV&FRA) द्वारा गठित 16 सदस्यीय पुरस्कार चयन समिति में नरेंद्र सिंह मेहरा को सदस्य नामित किया गया है। उन्हें यह जिम्मेदारी कृषि क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों, नवाचारों तथा पारंपरिक देसी बीजों के संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए दी गई है।

प्राधिकरण के रजिस्ट्रार दीपल राय चौधरी की ओर से जारी पत्र के माध्यम से नरेंद्र सिंह मेहरा को समिति में नामित किए जाने की जानकारी दी गई। यह समिति पंजीकरण योग्य पौधा किस्मों के जीन दाता किसानों, व्यक्तिगत स्तर पर परंपरागत देसी बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन में जुटे किसानों, किसान समुदायों तथा आदिवासी किसानों के राष्ट्रीय स्तर पर चयन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

समिति का उद्देश्य ऐसे किसानों और समुदायों को पहचान दिलाना है, जो देश की पारंपरिक कृषि विरासत को संरक्षित रखने के साथ-साथ देसी बीजों एवं जंगली वनस्पतियों के आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। इन किसानों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के लिए पुरस्कार विजेताओं का चयन किया जाएगा।

बताया गया है कि 2023-24 एवं 2024-25 के पुरस्कार विजेताओं के चयन के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग की पूर्व सचिव डॉ. रेनू स्वरूप की अध्यक्षता में पुरस्कार चयन समिति का गठन किया गया है। समिति में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, अनुसंधान संस्थानों के निदेशक, कृषि एवं उद्यान विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा किसानों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

उत्तराखंड को पहली बार मिला प्रतिनिधित्व

नरेंद्र सिंह मेहरा का इस राष्ट्रीय स्तर की समिति में सदस्य नामित होना उत्तराखंड के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड को पहली बार इस समिति में प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। इससे प्रदेश के पारंपरिक कृषि ज्ञान, देसी बीजों और स्थानीय कृषि नवाचारों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

गौलापार के किसान नरेंद्र सिंह मेहरा लंबे समय से कृषि क्षेत्र में नवाचार और पारंपरिक कृषि पद्धतियों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय रहे हैं। केंद्र सरकार की इस समिति में उन्हें स्थान मिलने से स्थानीय किसानों में भी उत्साह का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने नरेंद्र सिंह मेहरा को नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए इसे गौलापार और पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय बताया है।

राष्ट्रीय पुरस्कार चयन समिति में उनकी भूमिका के माध्यम से उत्तराखंड के किसानों और पारंपरिक कृषि संसाधनों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर रखने का अवसर भी मिलेगा।

माना जा रहा है कि यह जिम्मेदारी प्रदेश में देसी बीजों के संरक्षण, जैव विविधता और पारंपरिक कृषि ज्ञान को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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