नैनीताल। डीएसबी परिसर के संस्कृत विभाग के शोधच्छात्र हर्षित जोशी ने संस्कृत विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) के साथ-साथ जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) परीक्षा उत्तीर्ण कर नैनीताल और डीएसबी परिसर का नाम रोशन किया है। हर्षित की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संस्कृत विभाग में खुशी का माहौल है।
हर्षित जोशी वर्तमान में डीएसबी परिसर में संस्कृत विषय में शोध कार्य कर रहे हैं। उनका शोध कार्य संस्कृत विभाग की वरिष्ठ शिक्षिका एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर लज्जा भट्ट के निर्देशन में चल रहा है। नेट-जेआरएफ परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद हर्षित ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और अपनी शोध निर्देशिका प्रोफेसर लज्जा भट्ट को दिया है।
हर्षित ने कहा कि माता-पिता के निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन और शिक्षकों के उचित निर्देशन से ही वह यह सफलता प्राप्त कर सके हैं। उन्होंने बताया कि शोध कार्य के दौरान मिली अकादमिक प्रेरणा और संस्कृत विषय के प्रति निरंतर अध्ययन ने उन्हें इस उपलब्धि तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हर्षित जोशी की सफलता पर डीएसबी परिसर के संस्कृत विभाग द्वारा उनका अभिनंदन किया गया। विभाग के शिक्षकों और शोधार्थियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर लज्जा भट्ट ने हर्षित की उपलब्धि को विभाग के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
अभिनंदन समारोह में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर लज्जा भट्ट के अलावा डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सुषमा जोशी, भावना राणा, जगदीश, दीपक पाण्डेय सहित विभाग के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने हर्षित जोशी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी तरह उच्च उपलब्धियां हासिल करने की कामना की।
संस्कृत विषय में नेट-जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण कर हर्षित जोशी ने न केवल अपने परिवार और शिक्षकों को गौरवान्वित किया है, बल्कि डीएसबी परिसर के संस्कृत विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों में भी एक नया अध्याय जोड़ा है।










