भीमताल। अलचौना क्षेत्र के तोक पाण्डेछोर में हुई आपदा के बाद पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने आपदा प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
मंगलवार को क्षेत्र में पहुंचकर हरीश पनेरु ने आपदा से प्रभावित घरों, खेतों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि क्षेत्र के गधेरे में सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग वे पिछले करीब पांच वर्षों से लगातार कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग पर समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान गधेरा उफान पर आने से आसपास के मकानों और कृषि भूमि को लगातार खतरा बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग रखी गई, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते गधेरे में मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण करा दिया गया होता तो काश्तकारों के घरों, खेतों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। उनका कहना है कि अब नुकसान होने के बाद शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का संज्ञान ले रहे हैं, जबकि ग्रामीण लंबे समय से संभावित खतरे को लेकर चेतावनी देते आ रहे थे।
आपदा प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासनिक लापरवाही और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधित्व को लेकर भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी समस्याओं को समय रहते गंभीरता से लिया जाता तो आज उन्हें इस भारी नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता।
पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हरीश पनेरु ने मौके पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद शासन-प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा और राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जल्द से जल्द वास्तविक सहायता मिलनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से गधेरे का तत्काल सर्वे कराकर वहां मजबूत और स्थायी सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने की मांग भी उठाई। हरीश पनेरु ने कहा कि भविष्य में इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से ग्रामीणों के घरों, खेतों और संपत्ति को बचाने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में गधेरे और नाले अचानक विकराल रूप ले लेते हैं, ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों की पहले से पहचान कर सुरक्षा कार्य कराना आवश्यक है। पाण्डेछोर के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को अब प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे और नुकसान को रोका जा सके।










